मेलबर्न। सेरेना विलियम्स ने शनिवार (28 जनवरी) को इतिहास रचा जब उन्होंने अपनी बहन वीनस विलियम्स को ऑस्ट्रेलिया ओपन के महिला एकल फाइनल में हराकर स्टेफी ग्राफ को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड 23वां ग्रैंडस्लैम खिताब जीता और साथ ही दुनिया की नंबर एक महिला एकल खिलाड़ी भी बन गई। सेरेना ने दबदबा बनाते हुए अपनी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वियों में से एक वीनस को 6-4, 6-4 से हराकर मेलबर्न पार्क पर सातवां खिताब जीतने के साथ ओपन युग में सर्वाधिक ग्रैंडस्लैम खिताब का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उन्होंने अपना पहला खिताब जीतने के लगभग 18 साल बाद यह उपलब्धि हासिल की। पैंतीस साल की सेरेना ने स्टेफी के 22 ग्रैंडस्लैम खिताब की बराबरी पिछले साल विंबलडन के दौरान की थी और अब वह मारग्रेट कोर्ट के सर्वकालिक 24 ग्रैंडस्लैम खिताब से सिर्फ एक पीछे हैं। वीनस के खिलाफ सेरेना का फाइनल देखने के लिए मारग्रेट भी प्रेजिडेंट बॉक्स में मौजूद थी। इस खिताब की बदौलत सेरेना एक बार फिर दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बन गई। एंजेलिक कर्बर ने पिछले साल सितंबर में सेरेना के साढ़े तीन साल तक शीर्ष पर बने रहने के क्रम को तोड़ा था।
टेनिस कोर्ट पर सेरेना और वीनस एक दूसरे की बड़ी प्रतिद्वंद्वी रही हैं। मेलबर्न में 19 साल पहले जब सेरेना ने ग्रैंडस्लैम में पदार्पण किया था जो दूसरे दौर में ही उनकी किशोर बहन वीनस ने उन्हें हरा दिया था। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे के खिलाफ नौ मेजर फाइनल खेले और इस दौरान काफी उतार चढ़ाव भी देखे। तेरहवीं वरीय वीनस ने 36 साल की उम्र में 2009 के बाद पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन अपना सातवां मेजर खिताब नहीं जीत पाई। यह अमेरिकी 2009 में विंबलडन के फाइनल में पहुंची थी। दोनों खिलाड़ियों ने मैच में धीमी शुरुआत की और शुरुआत चार गेम में दोनों खिलाड़ियों की सर्विस टूटी। सेरेना ने हालांकि महत्वपूर्ण ब्रेक के साथ 4-3 की बढ़त बनाई और फिर ऐस के साथ अपनी सर्विस पर पहला सेट जीता। सेरेना ने दूसरे सेट में बेहतर शुरुआत की। पहले दो गेम में दोनों खिलाड़ियों ने अपनी सर्विस बचाई। सेरेना ने तीसरे गेम में तीन ब्रेक प्वॉइंट हासिल किए लेकिन वीनस ने इन्हें बचा लिया। इसके बाद स्कोर 3-3 से बराबर था। सेरेना ने इसके बाद वीनस की सर्विस तोड़कर 4-3 की बढ़त बनाई और फिर सेट, मैच और खिताब अपने नाम किया।