नई दिल्ली : भारतीय टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने के बाद, तीन आईसीसी ट्रॉफी जीत चुके एमएस धोनी ने एक खास पोस्ट साझा की। इस पोस्ट की सबसे चर्चित बात बनी थी कि इसमें हेड कोच गौतम गंभीर की हंसी का जिक्र किया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बाद में गौतम गंभीर ने भी इस पोस्ट पर जवाब दिया। अब एएनआई के पॉडकास्ट में गंभीर ने धोनी की उस पोस्ट पर हंसते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं, एक अन्य इंटरव्यू में गौतम गंभीर ने इस वर्ल्ड कप में भारत के लिए निर्णायक टर्निंग पॉइंट के बारे में भी खुलकर बताया।
टी20 वर्ल्ड कप 2026: भारत के लिए निर्णायक टर्निंग पॉइंट क्या था?
गौतम गंभीर ने जियो हॉटस्टार के साथ बात करते हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के टर्निंग पॉइंट के बारे में बताया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा,”यह कहना बहुत मुश्किल है, लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि संजू (सैमसन) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रन की जो पारी खेली, वही इस कैम्पेन का टर्निंग पॉइंट था।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गंभीर ने आगे कहा, ”वह वर्चुअल क्वार्टरफाइनल मुकाबला था। 195 रन वर्ल्ड कप के किसी मैच में चेज करना आसान नहीं होता है, कोई भी ग्राउंड क्यों ना हो। जिस आसान और शांत रवैये से उन्होंने बल्लेबाजी की इससे हमें बहुत आत्मविश्वास मिला। जब संजू का बल्ला चल रहा था और नंबर 3 पर इशान जिस तरह खेले उसने हमें वापस ट्रैक पर ला दिया।”
धोनी की मजेदार पोस्ट पर गंभीर का हल्का-फुल्का रिएक्शन
पहले बताते हैं कि एमएस धोनी ने वर्ल्ड कप फाइनल के बाद टीम इंडिया की तारीफ करते हुए इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर का भी जिक्र किया और लिखा, “कोच साहब, स्माइल आपके ऊपर अच्छी लगती है. इसके जवाब में गौतम गंभीर ने इंस्टाग्राम पर मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कमेंट किया और लिखा, “और स्माइल करने का क्या शानदार कारण है, आपको देखकर अच्छा लगा।” अब गंभीर ने एएनआई के पॉडकास्ट में भी इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की और हंसते हुए जवाब दिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गौतम गंभीर ने एएनआई के पॉडकास्ट में इस सवाल का जवाब देते हुए मुस्कान के साथ कहा, “बतौर कोच कभी-कभी बहुत मुश्किल हो जाता है जब आप ऐसी स्थिति में आ जाते हैं, जिसमें पहले कभी नहीं थे। लेकिन अच्छा लगा कि उन्होंने इस पर पोस्ट की, और वह भी सच्चाई के साथ। कभी-कभी जब आप डगआउट में होते हैं, इतना दबाव होता है कि आप हंसना चाहो भी तो—कौन नहीं हंसना चाहता—लेकिन आप नहीं हंस पाते।”

