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मलेशिया में छत्तीसगढ़ की नन्हीं शतरंज प्रतिभा का ऐतिहासिक प्रदर्शन: 5 वर्षीय इरा को मिला ‘Youngest Star of the Tournament’ सम्मान, रैपिड में छठा स्थान; वेद का भी शानदार प्रदर्शन
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कॉमनवेल्थ स्कूल्स शतरंज चैंपियनशिप 2026 में इरा और वेद ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया छत्तीसगढ़ और भारत का गौरव
कुआलालंपुर, मलेशिया | अक्टूबर 2026 मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित कॉमनवेल्थ स्कूल्स शतरंज चैंपियनशिप 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व कर छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग आदिवासी अंचल के दो नन्हीं भाई बहन शतरंज प्रतिभाओं इरा अर्नि रांगनाथा और वेद अर्का रांगनाथा ने राज्य और देश का गौरव बढ़ाया है। इरा अर्नि रांगनाथा: महज 5 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय शतरंज में ऐतिहासिक उपलब्धि है
कॉमनवेल्थ स्कूल्स शतरंज चैंपियनशिप 2026 ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, कनाडा, भारत, केन्या, मलेशिया, नामीबिया, न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान, स्कॉटलैंड, सिंगापुर, श्रीलंका, ब्रुनेई देशो ने भाग लिया ! उक्त चैंपियनशिप तीन फॉर्मेट में खेला गया क्लासिकल, रैपिड, और बलिज़्ड ! जिसमे 7, 9, 11, 13, 15, 17, 19, आयु वर्गो में खेला गया


कॉमनवेल्थ स्कूल्स शतरंज चैंपियनशिप 2026 का ओवर आल चैंपियन का ख़िताब जितने का गौरव भारत को मिला है
मात्र पांच वर्ष की आयु में इरा अर्नि रांगनाथा ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली किसी भी अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में शामिल होने वाली दुनिया की सबसे कम ऐज ग्रुप की खिलाड़ियों में एक हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में इरा ने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए गर्ल्स अंडर-7 रैपिड शतरंज प्रतियोगिता में छठा स्थान हासिल किया। उन्होंने छह राउंड में कुल 3.5 अंक अर्जित किए। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छठा स्थान प्राप्त करना उनकी एकाग्रता, मेहनत और शतरंज के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
इरा की उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय तब जुड़ा, जब उन्हें कॉमनवेल्थ चेस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री भरत सिंह चौहान ने स्वयं ‘Youngest Star of the Tournament’ (टूर्नामेंट की सबसे कम उम्र की स्टार) का सम्मान प्रदान किया।
अंतरराष्ट्रीय शतरंज मंच पर इतनी कम उम्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाली इरा के लिए यह विशेष सम्मान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। श्री भरत सिंह चौहान के हाथों सम्मान प्राप्त करना इरा और उनके परिवार के लिए गौरवपूर्ण एवं यादगार क्षण रहा।
इरा की उपलब्धि विशेष रूप से इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि उन्होंने विभिन्न कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी सफलता छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर-दंतेवाड़ा क्षेत्र की उभरती खेल प्रतिभाओं की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाती है।
इस अंतरराष्ट्रीय चयन से पूर्व, ईरा वर्ष 2025 में गुवाहाटी में आयोजित नेशनल स्कूल चेस चैंपियनशिप (अंडर-07 बालिका वर्ग) में मात्र 4 वर्ष की उम्र में भाग लेकर इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के इतिहास की सबसे कम उम्र की प्रतिभागी बनी थीं।
ईरा का यह असाधारण सफर समूचे बस्तर क्षेत्र में एक शांत क्रांति ला रहा है। स्थानीय स्कूलों और आदिवासी गाँवों में जहाँ कभी शतरंज की बिसात दुर्लभ हुआ करती थी, वहाँ ईरा की यह सफलता सैकड़ों बालिकाओं और नन्हें बच्चों को सशक्तिकरण, अनुशासन और रणनीतिक सोच के माध्यम के रूप में शतरंज अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।


इरा अर्नि रांगनाथा के भाई वेद अर्का रांगनाथा का भी शानदार प्रदर्शन: ब्लिट्ज और क्लासिकल में टॉप-10
इसी प्रतियोगिता में वेद अर्का रांगनाथा ने भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वेद ने अंडर-7 वर्ग में ब्लिट्ज और क्लासिकल, दोनों प्रारूपों में शीर्ष 10 में स्थान हासिल किया।
अलग-अलग प्रारूपों में उनका प्रदर्शन उनकी एकाग्रता, खेल कौशल और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोनों प्रारूपों में शीर्ष 10 में जगह बनाना वेद के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ की दूरगामी सोच बस्तर सरगुजा संभाग सहित राज्य की विभिन्न जिलों में शतरंज की खेल गतिविधियां लगातार आयोजित करना प्रशिक्षण कैंप लगाना दूरगामी क्षेत्र के प्रतिभावान खिलाड़ियों को सामने लाना जिसका परिणाम आज यह देखने को मिल रहा है


