23.7 C
New Delhi
Friday, March 13, 2026

क्रिकेट में पाकिस्तान पर जीत और हॉकी-बैडमिंटन में चांदी के साथ 14 सितंबर यादगार

नई दिल्ली: भारतीय खेलों के लिहाज से 14 सितंबर 2025 रविवार का दिन बेहद खास रहा। पुरुष एशिया कप क्रिकेट में भारतीय टीम ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में परंपरागत प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराया। वहीं एशिया कप हॉकी में भारतीय महिलाओं ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। साथ ही, विश्व मुक्केबाजी में जैसमीन और मीनाक्षी के रूप में भारत को दो विश्व चैंपियन भी मिले।
हॉन्गकॉन्ग में खेले गए सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत को दो खिताब जीतने का मौका तो गंवाना पड़ा, लेकिन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने मेन्स डबल्स में, जबकि स्टार भारतीय शटलर लक्ष्य सेन ने मेन्स सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

क्रिकेट धमाका: भारत ने पाकिस्तान को मात दी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने एशिया कप 2025 के एकतरफा मुकाबले में पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया। पहलगाम आतंकी हमले के कारण इस मैच के बहिष्कार की मांग उठाई गई थी। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मैच में सूर्यकुमार यादव की टीम ने शुरुआत से अंत तक पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। टॉस के समय और मैच खत्म होने के बाद सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाया।

स्पिनरों ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। अक्षर ने चार ओवर में 18 रन देकर 2 विकेट लिए, कुलदीप ने चार ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट चटकाए, जबकि वरुण चक्रवर्ती ने चार ओवर में 24 रन देकर एक विकेट लिया। पाकिस्तान का कोई भी बल्लेबाज इस तिकड़ी के सामने टिक नहीं सका और टीम 20 ओवर में 9 विकेट पर केवल 127 रन ही बना सकी। जवाब में भारत ने 15.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

भारत की शान: जैसमीन और मीनाक्षी बनीं विश्व चैंपियन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय मुक्केबाजों जैसमीन लंबोरिया (57 किग्रा) और मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा) ने इतिहास रच दिया। लिवरपूल में आयोजित विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में दोनों ने अपने-अपने वर्ग में खिताब जीते, जबकि भारत ने विदेशी सरजमीं पर महिला वर्ग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार पदक अपने नाम किए। जैसमीन ने फीदरवेट वर्ग में पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता पोलैंड की जूलिया जेरेमेटा को हराकर चैंपियन बनकर भारत का नाम रौशन किया।

जैसमीन ने 57 किग्रा फाइनल में 4-1 (30-27, 29-28, 30-27, 28-29, 29-28) से जीत दर्ज की। पदार्पण कर रही मीनाक्षी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता कजाखस्तान की नाजिम काइजेबे को 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में 4-1 से हराया और जुलाई में विश्व कप में मिली हार का बदला चुकाया। नुपूर शेरोन (80+ किग्रा) और पूजा रानी (80 किग्रा) को गैर-ओलंपिक भारवर्ग में क्रमश: रजत और कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल चार पदक जीते, जो विदेशी सरजमीं पर उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस जीत के साथ जैसमीन और मीनाक्षी विश्व चैंपियन बनने वाली भारतीय मुक्केबाजों की सूची में शामिल हो गई हैं। इससे पहले छह बार की चैंपियन एमसी मेरीकॉम (2002, 2005, 2006, 2008, 2010 और 2018), दो बार की विजेता निकहत जरीन (2022 और 2023), सरिता देवी (2006), जेनी आरएल (2006), लेखा केसी (2006), नीतू गंघास (2023), लवलीना बोरगोहेन (2023) और बूरा (2023) यह खिताब जीत चुकी हैं।

भारत ने महिला हॉकी एशिया कप फाइनल में विश्व कप सीधा क्वालीफिकेशन गंवाया

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक गोल से बढ़त बनाने के बावजूद आखिरी क्वार्टर में लय खोने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम एशिया कप फाइनल में दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन से 1-4 से हार गई और अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गई। विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर काबिज भारतीय टीम के पास अगले साल अगस्त में बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करने का यह सुनहरा मौका था।

पुरुष हॉकी टीम ने इस महीने की शुरुआत में राजगीर में खेले गए एशिया कप फाइनल में कोरिया को 4-1 से हराकर खिताब जीतने के साथ ही विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया। वहीं, चीन ने इससे पहले 1989 में हॉन्गकॉन्ग और 2009 में बैंकाक में एशिया कप का खिताब अपने नाम किया था।
भारत को महिला एशिया कप फाइनल में अपनी अनुभवी गोलकीपर सविता और पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ दीपिका की कमी खली, क्योंकि दोनों चोट के कारण टूर्नामेंट नहीं खेल पाईं। वहीं मुमताज खान, लालरेम्सियामी और सुनेलिटा टोप्पो फाइनल में अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पाईं। अब भारत को विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफायर मुकाबले खेलने होंगे।

भारत का बैडमिंटन धमाका: सात्विक-चिराग और लक्ष्य सेन ने सिल्वर जीता

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत को हॉन्गकॉन्ग में 14 सितंबर 2025 को दो खिताब जीतने का मौका गंवाना पड़ा, जब सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल टीम और लक्ष्य सेन हॉन्गकॉन्ग ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में हारकर उपविजेता रहे। लक्ष्य सेन दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी ली शी फेंग के खिलाफ टिक नहीं पाए।

लक्ष्य सेन को पुरुष एकल के फाइनल में 15-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। पिछले साल नवंबर में सैयद मोदी सुपर 300 के बाद पहली बार फाइनल में खेल रहे लक्ष्य अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी ली के खिलाफ टिक नहीं पाए। जूनियर दिनों से चली आ रही इस प्रतिद्वंद्विता में यह 14वां मुकाबला था। भारतीय खिलाड़ी के पास अब तक 7-6 के जीत-हार के रिकॉर्ड के साथ मामूली बढ़त थी, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने मौजूदा सत्र में ऑल इंग्लैंड और चीन ओपन दोनों में उन्हें हराकर दबदबा बना लिया था।

पिछले महीने लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली दुनिया की नौवें नंबर की भारतीय जोड़ी को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। 61 मिनट तक चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में उन्होंने ओलंपिक रजत पदक विजेता लियांग वेई केंग और वैंग चैंग की चीन की छठे नंबर की जोड़ी के खिलाफ 21-19, 14-21, 17-21 से शिकस्त झेली। थाइलैंड ओपन जीतने के बाद यह भारतीय जोड़ी 16 महीनों में पहली बार फाइनल में खेल रही थी। इस हार के कारण सुपर 500 फाइनल में उनका परफेक्ट रिकॉर्ड भी टूट गया।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

15,780FansLike
2,290FollowersFollow
5,445SubscribersSubscribe

Latest Articles