नई दिल्ली : कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 33 गेंदों में नाबाद शतक जड़कर न्यूजीलैंड को आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचाने वाले ओपनर फिन एलन ने मैच के बाद बड़ा खुलासा किया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एलन ने बताया कि वर्ल्ड कप से पहले भारत के खिलाफ काली मिट्टी की पिचों पर खेली गई पांच मैचों की सीरीज ने उन्हें यहां की परिस्थितियों को समझने में काफी मदद की। इसी अनुभव का फायदा उन्हें सेमीफाइनल में मिला और उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लक्ष्य को एकतरफा बना दिया।
फिन एलन ने ईडन गार्डन में साउथ अफ्रीका के आक्रमण को बड़े-बड़े छक्कों और शानदार बाउंड्री से परेशान किया। न्यूजीलैंड ने सिर्फ 12.5 ओवर में 170 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया और 43 गेंद बाकी रहते नौ विकेट से जीत हासिल की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मैच के बाद मीडिया से बातचीत में फिन एलन ने कहा, ‘हमारे गेंदबाजों की शुरुआत बहुत शानदार थी…। उन्होंने हमारे लिए गेम सेट कर दिया। ऐसी पिच पर, अगर आप शुरुआत में विकेट ले सकते हैं और दबाव बना सकते हैं तो इससे बल्लेबाजों के लिए काम बहुत आसान हो जाता है। दाएं हाथ के बल्लेबाज फिन एलन ने टूर्नामेंट से पहले भारत के खिलाफ सीरीज की अहमियत पर जोर दिया।’
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फिन एलन ने मैच के बाद कहा, “यह वर्ल्ड कप से पहले भारत के खिलाफ खेली गई सीरीज की अहमियत को दर्शाता है। काली मिट्टी की पिचों पर खेले गए पांच मुकाबलों ने हमें काफी कुछ सिखाया। उस तरह की तैयारी को दोहराना आसान नहीं होता।” एलन ने आगे कहा कि टीम ने एक समूह के रूप में बहुत कुछ सीखा है और हर खिलाड़ी अहम मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार रहता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “हम एक टीम के तौर पर आखिरी तक लड़ने और डटे रहने के लिए तैयार रहते हैं। खासकर गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और मैच में हमारे लिए माहौल बना दिया।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फिन एलन ने कहा, “मैं उस विकेट पर थोड़ा और बल्लेबाजी कर पाने से काफी खुश हूं। यह कोलकाता में मेरा पहला मैच था। भारत के खिलाफ काली मिट्टी की पिच पर आखिरी मैच खेलने के बाद मुझे अंदाजा हो गया था कि यहां क्या उम्मीद करनी है, और इससे इस मुकाबले के लिए तैयार होने में काफी मदद मिली।” कीवी ओपनर ने भारत के खिलाफ उसी सीरीज के एक मैच में 80 रन भी बनाए थे। एलन ने माना कि उस दौर में सीखने की प्रक्रिया आसान नहीं थी, लेकिन अंततः वही अनुभव उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ।

