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Wednesday, March 11, 2026

भारत तीसरी बार बनेगा चैंपियन या कंगारू लगाएंगे खिताब का छक्का? ये 5 फैक्टर तय करेंगे फाइनल का नतीजा

नई दिल्ली
वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल में टीम इंडिया रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी। मेन इन ब्लू टूर्नामेंट में सबसे प्रभावशाली टीम रही है। वह अभी तक एक भी मैच नहीं हारी है। लीग चरण में लगातार नौ जीत के बाद रोहित शर्मा की टीम ने मुंबई में पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को 70 रन से हरा दिया।

ऑस्ट्रेलिया की टीम ने टूर्नामेंट में शुरुआत अच्छी नहीं की थी, लेकिन उसने शानदार वापसी की। भारत और साउथ अफ्रीका से हारने के बाद टीम लगातार 7 मैच जीती। सेमीफाइनल में उसने साउथ अफ्रीका को हराकर फाइनल में जगह बनाई। कंगारू टीम 5 बार चैंपियन बनी है। उसके पास छठी बार चैंपियन बनने का मौका है। टीम इंडिया के पास तीसरी बार चैंपियन बनने का मौका है।

रोहित की स्टार्क और हेजलवुड के खिलाफ बल्लेबाजी : टीम इंडिया के लिए कप्तान रोहित शर्मा बेखौफ बल्लेबाजी करके मैच का टोन सेट कर रहे हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी से मेन इन ब्लू को विरोधी गेंदबाजों पर दबाव डालने का मौका मिल रहा है। रोहित ने भले ही विराट कोहली या श्रेयस अय्यर जितने बड़े स्कोर नहीं हैं, लेकिन वह विस्फोटक तरीके से 40 रन बनाकर प्लेटफॉर्म सेट करते हैं। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने इसका शानदार फायदा उठाया है।

फाइनल में रोहित के लिए सबसे बड़ी चुनौती जोश हेजलवुड और मिशेल स्टार्क होंगे। भारतीय कप्तान के लिए अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी से मुकाबला करना उतना आसान नहीं होगा। लीग स्टेज में रोहित शून्य पर हेजलवुड की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए थे। क्या हिटमैन इस बार ऑस्ट्रेलियाई टीम को चुनौती दे सकेंगे? ऐसा हुआ तो कंगारू टीम बैकफुट पर होगी।

एडम जम्पा को लेना होगा आड़े हाथ : वर्ल्ड कप 2023 फाइनल में भारत के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज और चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर एडम जम्पा के बीच मुकाबला निर्णायक हो सकता है। यह बात छीपी नहीं है कि विराट कोहली को ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर के खिलाफ दिक्कत का सामना करना पड़ा है। पांच बार के चैंपियन इसका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। हालांकि, कोहली बीते कुछ समय में फॉर्म से संघर्ष कर रहे थे, लेकिन भारतीय बल्लेबाज वर्तमान में टॉप पर है।

केवल कोहली नहीं श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और सूर्यकुमार यादव जम्पासे कैसे निपटते हैं, यह भी फाइनल में एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा। जब 2023 विश्व कप की शुरुआत में दोनों टीमें भिड़ी थीं, तब जम्पा ने आठ ओवरों में 53 रन देकर कोई विकेट नहीं लिया था। हालांकि, इसके बाद से वह शानदार फॉर्म में हैं और रविवार को फाइनल में टीम इंडिया के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।

वॉर्नर और हेड के खिलाफ बुमराह का स्पेल : अगर रोहित शर्मा बल्ले से भारत के लिए माहौल तैयार करते हैं, तो तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह गेंद से टीम इंडिया के लिए वही काम करते हैं। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज ने लगभग हर मैच में शुरुआत में विकेट लिया है। चेन्नई में मिचेल मार्श को शून्य पर आउट करके बुमराह ने 2023 विश्व कप की शुरुआत की। इस विकेट ने एक तरह से भारत के शानदार अभियान की दिशा तय कर दी।

बाद के मैचों में बुमराह ने महत्वपूर्ण विकेट लेना जारी रखा। उन्होंने अधिकांश विकेट स्पेल की शुरुआत में लिए। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में वह शुरुआत में सफलता पाने में असफल रहे। मेन इन ब्लू कुछ समय तक दबाव में दिखी। ऑस्ट्रेलिया शायद बुमराह के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करके लय तोड़ने की कोशिश करेगा। ऐसे में बुमराह ऑस्ट्रेलियाई ओपनर डेविड वॉर्नर और ट्रेविस हेड के बीच शुरुआत में मुकाबला दिलचस्प होगा।

मोहम्मद शमी होंगे ऑस्ट्रेलिया के लिए खतरा : 6 मैच में 23 विकेट 9.13 का औसत और तीन बार पांच विकेट। 2023 विश्व कप में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के बारे में ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है। कल्पना किया जा सकता है कि अगर वह भारत के पहले चार मैचों में भी खेलते तो उनके अब तक कितने विकेट होते।

शमी की ताकत उनकी बिल्कुल सही सीम पोजीशन और चीजों को सरल रखते हुए विकेट लेने की उनकी क्षमता है। 33 वर्षीय खिलाड़ी जब फाइनल में आस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ उतरेंगे तो कुछ अलग नहीं करना चाहेंगे। अन्य टीमों के विपरीत ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज शमी का लाइन और लेंथ बिगाड़ना चाहेंगे। क्या वे सफल होंगे यह बड़ा सवाल है।

जडेजा और कुलदीप की फिरकी और ऑस्ट्रेलिया का मिडिल ऑर्डर : उम्मीद की जा रही थी कि टीम इंडिया के 2023 विश्व कप अभियान में स्पिनर्स की बड़ी भूमिका होगी। रविंद्र जड़ेजा और कुलदीप यादव दोनों अब तक उम्मीदों पर खरे उतरते हुए क्रमश: 16 और 15 विकेट ले चुके हैं। तेज गेंदबाजों के अपना काम करने के बाद जडेजा और कुलदीप ने सुनिश्चित किया कि विपक्षी टीम पर दबाव कम न हो।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का मिडिल संघर्ष कर रहा था, जिसमें केशव महाराज और तबरेज शम्सी दोनों ने प्रभाव डाला। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम कमजोर है। कुलदीप और जडेजा में ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाजी की कमजोरी का फायदा उठाने का गुण है। ऐसे में भारत के स्पिनरों और ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम के बल्लेबाजों के बीच की लड़ाई का अंतिम परिणाम पर भारी असर पड़ने की संभावना है।

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