नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम का इस साल पेरिस में होने वाले ओलंपिक खेलों में खेलने का सपना टूट गया। टीम को शुक्रवार को रांची में एफआईएच महिला हॉकी ओलंपिक क्वालीफायर में तीसरे स्थान के प्लेऑफ मैच में जापान के खिलाफ 0-1 से हार मिली। भारतीय महिला हॉकी टीम 2016 के बाद पहली बार ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में विफल रही। टीम इंडिया इससे पहले सेमीफाइनल में जर्मनी के खिलाफ हार गई थी।Indian women’s hockey team’s dream of playing in Paris Olympics shattered
सेमीफाइनल में जर्मनी से हार के बाद भारतीय टीम को ओलंपिक में क्वालीफाई करने का दूसरा मौका मिला था, लेकिन टीम इसे भुनाने में कामयाब नहीं हुई। पिछली बार टोक्यो ओलंपिक में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था। उसने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन पदक जीतने से चूक गई थी। टीम चौथे पायदान पर रही थी। ओलंपिक क्वालीफायर में 10 में से तीन टीमों को पेरिस का टिकट मिलना था। भारतीय टीम इससे पहले जापान के खिलाफ पिछले पांच मैचों में जीत चुका था, लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। टीम ने पेनल्टी कॉर्नर गंवाए।
चौथी बार ओलंपिक खेलने का सपना टूटा
भारतीय महिला टीम 1980 के बाद 2016 ओलंपिक में खेली थी। इस दौरान टीम आठ ओलंपिक खेलों का हिस्सा नहीं बन पाई थी। 2016 से टीम के प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ था। 2022 में तो उसने चौथा स्थान भी हासिल कर लिया था। अब एक बार फिर से उसे निराशा हाथ लगी है। टीम के पास चौथी बार ओलंपिक में खेलने का मौका था, लेकिन उसने इसे गंवा दिया।जापान के लिए इकलौता गोल उराता काना ने किया। उन्होंने छठे मिनट में ही अपनी टीम को बढ़त दिला दी। उसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार हमले किए।
दूसरे, तीसरे और चौथे क्वार्टर में टीम इंडिया ने जापान को गोल नहीं कर दिया। हालांकि, बेहतर डिफेंस के साथ दमदार आक्रमण की भी आवश्यकता थी। ऐसा भारतीय खिलाड़ी नहीं कर पाईं। उन्होंने गोल के कई मौके भी गंवाए। इसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा। जापान की टीम ओलंपिक में नजर आएगी। वह 2004 से लगातार सभी ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले रही है। उसका क्रम इस बार भी नहीं टूटा।

