IPL इतिहास में क्वालीफायर-1 हारने वाली टीमें कितनी बार पहुंची हैं फाइल में

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नई दिल्ली: आईपीएल 2024 के पहले क्वालीफायर मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को हराकर फाइनल का टिकट कटाया। फाइनल में पहुंचने का सनराइजर्स हैदराबाद के पास अभी भी एक मौका बचा है। उसके क्वालीफायर-2 हरहाल में जीतना होगा। शु्क्रवार को क्वालीफायर-2 का मुकाबला खेला जाएगा। इसमें एलिमिनेटर मुकाबले में जीतने वाली टीम हैदराबाद से भिड़ेगी। अगर आईपीएल इतिहास के बात करें तो बीसीसीआई ने पहली बार साल 2012 में प्लेऑफ फॉर्मेट लागू किया था। तब से प्वाइंट्स टेबल में एक और दो नंबर पर रहने वाली टीमों को क्वालीफायर-1 हारने पर भी एक और मौका दिया जाता है। जब से यह नियम लागू किया गया है तब से 13 सीजन के क्वालीकायर-1 में हारने वाली टीमों ने 10 बार फाइनल खेला है।

दिल्ली डेयरडेविल्स (2012), गुजरात लायंस (2016) और दिल्ली कैपिटल्स (2021) टीमें रही हैं जो टॉप-2 में रहने के बावजूद फाइनल में अपनी जगह नहीं बना सकी। दिलचस्प बात है कि उस सीजन सभी टीमें प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर रही थीं। प्लेऑफ नियम लागू होने पर लीग स्टैंडिग में नंबर दो पर रहने वाली टीमें हमेशा फाइनल खेलीं हैं।

यदि सनराइजर्स हैदराबाद, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स एलिमिनेटर मैच के विजेता से हार जाती है तो वो 2010 में डेक्कन चार्जर्स के बाद लीग स्टैंडिंग में दूसरे स्थान पर रहने वाली और फाइनल के लिए क्वालीफाई न कर पाने वाली पहली टीम बन जाएगी।

हालांकि, सनराइजर्स हैदराबाद ने तीन बार ( 2016, 2018, 2020) क्वालीफायर-2 मुकाबले में हिस्सा लिया है। दो उसके जीत दर्ज हुई है तो एक बार हार का सामना करना पड़ा है। सनराइजर्स हैदराबाद ने 2016 में गुजरात लायंस को हराकर फाइनल भी जीता है। वहीं, 2020 में दिल्ली कैपिटल्स ने क्वालीफायर-2 मुकाबले में पिछली हार का बदला लिया था।

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