Paris Olympics: नीरज चोपड़ा की चोट पर जर्मन कोच क्लॉस बार्टोनिट्ज ने बड़ा अपडेट दिया

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नई दिल्ली: पेरिस ओलंपिक में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है और भारतीय भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा से इसमे दमदार प्रदर्शन करने की उम्मीद है। ओलंपिक से ठीक पहले नीरज की चोट से चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन अब उनके जर्मन कोच क्लॉस बार्टोनिट्ज ने इस बारे में बड़ा अपडेट दिया है। बार्टोनिट्ज ने नीरज की फिटनेस को लेकर सभी चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि अब टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को किसी तरह की परेशानी नहीं है और अब वह कड़ी तैयारियों में जुट गए हैं।

नीरज ने 28 मई को एहतियातन ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक से हटने का फैसला किया था क्योंकि उन्हें जांघ में कुछ दर्द महसूस हुआ था। उन्होंने 18 जून को फिनलैंड में पावो नूरमी खेलों में 85.97 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीतकर जोरदार वापसी की थी। फिर चोपड़ा ने सात जुलाई को पेरिस डायमंड लीग में भी नहीं खेलने का फैसला किया और कहा कि यह प्रतियोगिता उनके कैलेंडर का हिस्सा नहीं थी। लेकिन फिटनेस देखी जाए तो उनका सत्र बिल्कुल सही नहीं रहा है। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने वाले 26 वर्षीय नीरज 26 जुलाई से शुरू होने वाले पेरिस ओलंपिक में शीर्ष पोडियम स्थान के लिए एक बार फिर देश के सर्वश्रेष्ठ दावेदार हैं। पेरिस ओलंपिक में भाला फेंक स्पर्धा छह अगस्त को क्वालीफिकेशन दौर से शुरू होगी जिससे अभी इसे शुरू होने में दो हफ्ते हैं।

बार्टोनिट्ज करीब पांच साल से नीरज से जुड़े हैं। बार्टोनिट्ज ने कहा कि अब चीजें पटरी पर आ गई हैं। उन्होंने कहा, सब कुछ योजना के अनुसार है। फिलहाल जांघ की चोट की कोई समस्या नहीं है, यह ठीक है। उम्मीद है कि ओलंपिक तक ऐसा ही रहेगा। ओलंपिक में भाला फेंक की स्पर्धा शुरू होने अभी दो सप्ताह का समय बचा है इसलिए ट्रेनिंग का स्तर बढ़ा दिया गया है। वह पूरा थ्रोइंग सत्र कर रहे हैं। हम सुबह में स्प्रिंटिंग, जंपिंग, थ्रोइंग या वेटलिफ्टिंग के सत्र रखते हैं। सुबह और शाम दो सत्र होते हैं जिसमें प्रत्येक दो से ढाई घंटे तक का होता है। बार्टोनिट्ज ने कहा कि नीरज का तरीका टोक्यो ओलंपिक से पहले अपनाए गए तरीके जैसा ही है जिसमें वह टूर्नामेंट के बजाय ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं और वह अपने ग्रोइन पर दबाव कम करने के लिए अपनी ब्लॉकिंग करने वाले पैर को मजबूती देने पर भी काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, सामान्यत: भाला फेंकना तेजी से भागते हुए अच्छी तरह रुककर भाला फेंकने (ब्लॉकिंग) पर निर्भर करता है। भागते हुए आप जितनी अधिक ऊर्जा से आएंगे, उतना ही बेहतर होगा। इस सत्र में शीर्ष भाला फेंक खिलाड़ियों में से किसी ने भी असाधारण प्रदर्शन नहीं किया है और बार्टोनिट्ज ने हमेशा की तरह कहा कि वह नीरज की पदक की संभावनाओं की भविष्यवाणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ओलंपिक में काफी कुछ दांव पर लगा होता है और काफी दबाव होता है जिससे कुछ भी हो सकता है। आंकड़ों के आधार पर पदक का अनुमान लगाना मुश्किल है। सभी शीर्ष एथलीट अपनी सर्वश्रेष्ठ तैयारी कर रहे है। वे पेरिस में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं और पदक जीतना चाहते हैं। उनकी तरह ही हम भी दावा कर सकते हैं कि नीरज जीत सकते हैं। पर पदक जीतने की संभावना पक्षपातपूर्ण हो सकती हैं जिसमें गड़बड़ी भी हो सकती है।

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