बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत को डोपिंग संबंधी नियमों के उल्लंघन के कारण 18 महीने के लिए सस्पेंड किया गया

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नई दिल्ली: बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) ने घोषणा की है कि भारत को टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक दिलाने वाले बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत को डोपिंग संबंधी नियमों के उल्लंघन के कारण 18 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। वह पेरिस पैरालंपिक खेलों में हिस्सा नहीं लेंगे। पेरिस में पैरालंपिक 28 अगस्त से 8 सितंबर तक चलेगा।

बीडब्ल्यूएफ ने बयान में कहा, “टोक्यो 2020 पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत को 18 महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है और वह पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में भी हिस्सा नहीं लेंगे।” कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) ने भगत को 12 महीनों के भीतर तीन बार पता न बता पाने का दोषी पाया। बयान में कहा गया, ” 1 मार्च 2024 को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ऑफ स्पोर्ट (CAS) एंटी-डोपिंग डिवीजन ने भगत को 12 महीनों के भीतर तीन बार ठिकाने की जानकारी न देने के लिए बीडब्ल्यूएफ एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया।”

अपील के बावजूद, सीएएस अपील डिवीजन ने निलंबन की पुष्टि करते हुए निर्णय को बरकरार रखा। एसएल3 एथलीट भगत पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों में हिस्सा नहीं लेंगे। 29 जुलाई 2024 को सीएएस अपील डिवीजन ने भगत की अपील को खारिज कर दिया। 1 मार्च 2024 के सीएएस एंटी-डोपिंग डिवीजन के फैसले की पुष्टि की। उनकी अयोग्यता की अवधि अब प्रभावी है।

इस साल की शुरुआत में भगत ने थाईलैंड के पटाया में 2024 पैरा बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में इंग्लैंड के डेनियल बेथेल को कड़े मुकाबले में हराकर अपने पुरुष एकल SL3 खिताब का बचाव किया था। 35 वर्षीय भगत ने एक घंटे 40 मिनट तक चले मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वी को 14-21, 21-15, 21-15 से हराया। भगत के लिए यह चौथा एकल विश्व खिताब था। इससे पहले उन्होंने 2015, 2019 और 2022 में तीन बार यही पदक जीता है। उन्होंने 2013 के संस्करण में वैश्विक चैंपियनशिप में पुरुष युगल स्वर्ण भी जीता है।

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