IND vs AUS 3rd Test: दूसरे दिन कैसा रहेगा मौसम, जानें क्या बारिश फिर करेगी खेल खराब?

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नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। ऑस्ट्रेलिया ने अभी तक 13.2 ओवर के बाद बिना किसी नुकसान के 28 रन बना लिए हैं। ऑस्ट्रेलियाई ओपनर्स उस्मान ख्वाजा और नाथन मैकस्वीनी ने दमदार डिफेंस का नमूना पेश किया। पहले दिन बारिश ने मैच में कई बार खलल डाला। खराब मौसम के कारण पहले सत्र के बाद कोई खेल नहीं हो सका। अब गाबा टेस्ट मैच के आखिरी चार दिनों के खेल में कुल 98 ओवर्स फेंके जाएंगे, जिसमें मुकाबला तय समय से आधे घंटे पहले शुरू होगा।

दूसरे दिन भी हो सकती है बारिश

मौसम विभाग ने अगले चार दिन भी बारिश का अनुमान जताया है। दूसरे दिन भी बारिश की संभावना नजर आ रही है। एक्यूवेदर की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार 15 दिसंबर को बारिश की संभावना 46 प्रतिशत तक है और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसके अलावा आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। ऐसे में दूसरे दिन का खेल होना भी मुश्किल नजर आ रहा है।

बारिश के कारण लंच ब्रेक जल्दी लिया गया

ऑस्ट्रेलिया के लिए अभी उस्मान ख्वाजा 47 गेंद में 19 और मैकस्वीनी 33 गेंद में चार रन बनाकर खेल रहे हैं। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा खुश होंगे कि आस्ट्रेलियाई सलामी जोड़ी ज्यादा रन नहीं बना सकी, लेकिन 2 दोनों बल्लेबाजों ने ज्यादातर गेंदों को छोड़ना ही मुनासिब समझा। जब लग रहा था कि भारतीय गेंदबाज आक्रमण के मूड में हैं, बारिश हो गई और गेंदबाजों की लय टूट गई। बारिश के कारण लंच ब्रेक जल्दी ले लिया गया और पहले सेशन में 13.2 ओवर ही फेंके जा सके।

उस्मान ने बेहतर तकनीक के साथ की बल्लेबाजी

भारत के लिए जसप्रीत बुमराह ने छह ओवर में आठ रन दिए जबकि मोहम्मद सिराज ने चार ओवर में 13 रन दिए। पिच से उछाल मिलने के बावजूद उन्होंने छह ओवरों के पहले स्पैल में विकेट लेने वाली ज्यादा गेंदें नहीं डाली जबकि सिराज ने ज्यादातर शॉर्ट पिच गेंदें फेंकी। ख्वाजा ने उन्हें दो चौके लगाकर नसीहत दी। छठे ओवर में भी बूंदाबांदी के कारण खेल रोकना पड़ा था जब स्कोर 19 रन था। तेज गेंदबाजों को पिच से स्विंग नहीं मिल रही थी और बुमराह कुछ मौकों पर ही ख्वाजा को परेशान कर सके । सिराज को तीन ओवर के पहले स्पैल के बाद हटाकर आकाश दीप को गेंद सौंपी गई जिन्होंने 3.2 ओवर में दो रन दिए। सभी की नजरें इस पर थी कि ख्वाजा किस तरह बुमराह की गेंदों को खेलते हैं। उन्होंने अच्छी तकनीक का इस्तेमाल किया और बल्ले को शरीर के करीब ही रखा। उन्होंने उन्हीं गेंदों को खेला जो उनके शरीर पर डाली गई थी।

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