नई दिल्ली: बॉक्सिंग डे टेस्ट में भारतीय टीम बैकफुट पर है। इसका सबसे बड़ा कारण है क्रिसमस की गिफ्ट की तरह ऑस्ट्रेलिया को लगातार विकेट देना। इसमें सबसे ताजा उदाहरण ऋषभ पंत का तीसरे दिन की शुरुआत में आउट होना है। पंत का आक्रामक बल्लेबाजी करना कोई नई बात नहीं है। खास तौर पर टेस्ट क्रिकेट में दुनिया उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से परिचित है। लेकिन मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शनिवार (28 दिसंबर) को पहले सत्र में वह जिस तरह से आउट उससे हर कोई निराश हुआ। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर कमेंट्री के दौरान आग बबूला हो गए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “स्टूपिड” पंत ने दिन की शुरुआत नियंत्रण में की थी और काफी संयमित दिख रहे थे। जब उन्होंने आक्रामक शॉट खेला, तब भी दिक्कत में नहीं थे। उन्होंने पैट कमिंस को डाउन द ट्रैक आकर एक शॉट लगाया। लेंथ बॉल को लॉन्ग ऑन पर चौका लाया। जब उन्होंने पुल शॉट खेला, तो उन्होंने गेंद को नीचे रखने के लिए अपनी कलाई घुमाई। बल्ले का कुछ किनारे लगे, लेकिन उन्होंने कुछ उल्टा-पुल्टा शॉट नहीं खेला।
क्या करना चाहते थे पंत?
56वें ओवर के बाद स्कॉट बोलैंड राउंड द विकेट आए। पंत लेग साइड पर स्क्वायर के पीछे के क्षेत्र को टारगेट करना चाहते थे। इसलिए ऑफ स्टंप के बाहर एक फुल डिलीवरी पर पंत ने अपना ‘फॉलिंग स्वीप’ खेला, लेकिन यह इतनी खराब टाइमिंग हुई कि गेंद बल्ले के ऊपरी सिरे से उछलकर सीधे फाइन डीप थर्ड पर नाथन लियोन के पास चली गई।
सुनील गावस्कर ने क्या कहा?
पिछली डिलीवरी पर पंत ने इसी तरह का शॉट लगाने का प्रयास किया था और गेंद उनके शरीर पर लग गई थी। इसके बाद सुनील गावस्कर ने कहा, “दो फील्डर हैं और फिर भी आप ऐसा करने जाते हैं। आपने पिछला शॉट मिस कर दिया और देखिए आप कहां कैच हुए। यह आपका विकेट फेंकना है। आप यह नहीं कह सकते कि यह आपका स्वाभाविक खेल है। मुझे खेद है। यह आपका स्वाभाविक खेल नहीं है। यह एक बेवकूफी भरा शॉट है। यह आपकी टीम को बुरी तरह से निराश करता है। आपको स्थिति को भी समझना होगा। उन्हें उस [भारत के] ड्रेसिंग रूम में नहीं जाना चाहिए, उन्हें दूसरे ड्रेसिंग रूम में जाना चाहिए।


