IND vs ENG: बटलर ने कहा, या तो शिवम दुबे ने अपनी गेंद की रफ्तार बढ़ा ली या फिर हर्षित राणा की बैटिंग हुई इमप्रूव

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नई दिल्ली: भारत को इंग्लैंड के खिलाफ पुणे टी20 मुकाबले में 15 रन से जीत जरूर मिली, लेकिन मैच के बीच में कनकशन सब्सटीट्यूट के रूप में भारतीय टीम में शामिल किए गए हर्षित राणा विवाद का विषय बन गए। इस मैच में बैटिंग के दौरान भारतीय बल्लेबाज शिवम दुबे के सिर में चोट लगी थी और फिर वो दूसरी पारी में मैदान पर नहीं उतरे थे। उनकी जगह मैदान पर उतरे राणा ने अच्छी गेंदबाजी की और अंत में बाजी पटलते हुए 3 विकेट लेकर भारत की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।

शिवम दुबे ने अपनी गेंद की रफ्तार बढ़ा ली है

पुणे में हर्षित राणा का गेंदबाजी में प्रदर्शन वैसा ही प्रभावी रहा जैसा कि शिवम दुबे ने बल्लेबाजी में किया था। वहीं मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने भारत के द्वारा ऑलराउंडर की जगह दूसरे खिलाड़ी को टीम में शामिल किए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। बटलर ने मैच के बाद कहा कि या तो शिवम दुबे ने अपनी स्पीड 25 मील प्रति घंटे बढ़ा ली है या फिर हर्षित राणा ने अपनी बल्लेबाजी में सुधार कर लिया है। ये लाइक-टू-लाइक रिप्लेसमेंट नहीं था और हम इससे सहमत नहीं हैं। वैसे ये खेला का हिस्सा है और मुझे लगता है कि हमें मैच जीतना चाहिए था, लेकिन हम इस निर्णय से असहमत हैं।

राणा को देखकर बटलर थे हैरान

बटलर ने आगे कहा कि इस मामले में पर हमसे कोई राय नहीं ली गई। जब मैं बैटिंग करने आया तो सोच रहा था कि हर्षित राणा किसकी जगह पर हैं और मुझे बताया गया कि वो कनकशन रिप्लेसमेंट हैं जिससे में साफ तौर पर असहमत था क्योंकि ये एक जैसा रिप्लेसमेंट नहीं था। बटलर ने बताया कि मैंने अंपायर्स से बात की, लेकिन उन्होंने कहा कि ये मैच रेफरी का फैसला था और इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं थी। हम इस बारे में पूरी जानकारी के लिए मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ से कुछ सवाल पूछेंगे।

आईसीसी के नियमों के मुताबिक मैच रेफरी कनकशन सब को मंजूरी देता है और आम तौर पर ये एक समान का रिप्लेसमेंट होना चाहिए जिससे कि उस टीम के अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद नहीं की जाती है। अगर आईसीसी के मैच रेफरी को लगता है कि जो खिलाड़ी रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में आया है और वो सामान्य भूमिका निभा रहा है तो उसे कोई आपत्ति नहीं होती है, लेकिन रिप्लेसमेंट के तौर पर आए खिलाड़ी से उस टीम को अतिरिक्त लाभ मिलता नजर आता है तो फिर वो एक्शन ले सकता है। वैसे ये रिप्लेसमेंट क्या एक जैसा था क्योंकि दुब बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं जबकि राणा दाहिने हाथ के बैटर हैं। हालांकि दोनों दाएं हाथ के गेंदबाज हैं और यही एक समानता दोनों में थी।

इंग्लिश टीम के लगता है कि राणा ने भारत को बहुत बड़ा फायदा पहुंचाया। बटलर ने नाराजगी जाहिर करते हुए आगे कहा कि इस मामले में हमसे कोई सलाह नहीं ली गई और हमारे पास मैच जीतने का मौका था। उन्होंने कहा कि राणा ने अकेले दम पर मैच नहीं जीता, लेकिन उसने भारतीय टीम की पूरी मदद की। इंग्लैंड की टीम को सिर्फ राणा की वजह से हार नहीं मिली, लेकिन इस रिप्लेसमेंट ने भारतीय टीम को जीतने में मदद की।

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