चैंपियंस ट्रॉफी में यह तीसरा मौका था जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दिखाया बाहर का रास्ता

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नई दिल्ली: भारत ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर पांचवीं बार चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में प्रवेश कर लिया और एक बार फिर जीत के नायक रहे विराट कोहली। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्टीव स्मिथ (73) और एलेक्स कैरी (61) के अर्धशतकों के दम पर 48.1 ओवर में 264 रन बनाये जिसके जवाब में भारत ने 11 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इसी जीत के साथ भारत ने रिकॉर्ड्स की लाइन लगा दी।

चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने किया यह कारनामा

चैंपियंस ट्रॉफी में यह तीसरा मौका था जब भारत ने नॉकआउट में ऑस्ट्रेलिया को हराकर टूर्नामेंट से बाहर किया। सबसे पहले साल 1998 में यह हुआ जब टूर्नामेंट का नाम इंटरकॉन्टिनेंटल कप था। ढाका में हुए इस मैच में भारत ने 44 रन से जीत हासिल की थी। इसके बाद साल 2000 में नायरोबी में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में 20 रन से जीत हासिल की थी। मंगलवार को एक बार फिर भारत ने यह कारनामा किया और चार विकेट से ऑस्ट्रेलिया को हराकर, टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया।

नॉकआउट में भारत का कमाल

ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए भारत को टूर्नामेंट के नॉकआउट का दूसरा सबसे बड़ा चेज करना पड़ा। उन्होंने 265 का लक्ष्य हासिल किया। चैंपियंस ट्रॉफी के नॉकआउट में सबसे बड़ा चेज 1998 में हुआ था। तब साउथ अफ्रीका ने क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 282 का स्कोर चेज किया था। वहीं भारत 2017 में भी 265 चेज कर चुका है।

वहीं न्यूजीलैंड भी भारत के खिलाफ 265 का स्कोर चेज कर चुके हैं। हालांकि यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आईसीसी वनडे टूर्नामेंट के नॉकआउट में सबसे बड़ा चेज है। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के ही नाम था। उन्होंने 2011 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 261 का स्कोर चेज किया था।

भारतीय टीम दुबई में पिछले 10 वनडे मैचों में एक भी मैच नहीं हारा है। वह नौ मैच हारे है औऱ एक मैच टाई रहा है। अगर वह फाइनल जीत जाता है तो न्यूजीलैंड को पीछे छोड़ देगा। न्यूजीलैंड फिलहाल एक ही वेन्यू लगातार सबसे ज्यादा वनडे जीतने वाली टीम है। उन्होंने डुनेडिन में यह रिकॉर्ड कायम किया है।

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