भारत के खिलाफ सीरीज जीतने के लिए इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान ने शराब से कर ली तौबा

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नई दिल्ली: भारत के खिलाफ सीरीज जीतने के लिए इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स ने कड़ी मशक्कत शुरू कर दी है। इसके लिए वह स्वःनियंत्रण पर भी काम कर रहे हैं। इस क्रम में उन्होंने दारू से तौबा कर लिया है। दअसल, बेन स्टोक्स ने भारत के खिलाफ सीरीज और एशेज के लिए फिट रहने के लिए फिटनेस के रास्ते पर चलना शुरू किया है। इसकी शुरुआत उन्होंने शराब से दूरी बनाकर की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बेन स्टोक्स ने ‘शराब छोड़ दी’ ताकि वह इंग्लैंड से खेलने के लिए पूरी तरह से फिट हो सकें। बेन स्टोक्स को लगता है कि पिछली चोटों में उस रात की बड़ी भूमिका हो सकती है, जब उन्होंने साथियों के साथ शराब पी थी। इंग्लैंड के ऑलराउंडर ने दिसंबर 2024 में हैमस्ट्रिंग की सर्जरी कराई थी। अगस्त में ‘द हंड्रेड’ के दौरान भी उन्हें चोट लगी थी। इस कारण उन्हें श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट से बाहर होना पड़ा। बाद में पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए भी वह पूरी तरह से फिट नहीं थे। हैमिल्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट के दौरान उनकी चोट फिर से उभर आई।

इंग्लैंड का घरेलू सत्र जिम्बाब्वे के खिलाफ एकमात्र टेस्ट से शुरू होगा। इसके बाद भारत के खिलाफ पांच टेस्ट की एक कठिन सीरीज होनी है। इंग्लैंड के घरेलू सत्र का समापन 6 महीने बाद एशेज सीरीज के साथ होता है। ‘द टेलीग्राफ’ ने बेन स्टोक्स के हवाले से लिखा है कि उन्होंने 2 जनवरी से शराब नहीं पी है। यह वह दिन है जब वह अपने ऑपरेशन के बाद खुद को रिहैबिलिटेशन में ले गए थे।’ अंग्रेजी दैनिक के अनुसार, बेन स्टोक्स ने अनटैप्ड पॉडकास्ट को बताया, ‘मेरी पहली बड़ी चोट के बाद, मुझे उसका सदमा याद है, शुरुआती एड्रेनालाईन के बाद, मैं सोच रहा था, यह कैसे हुआ? हमने 4 या 5 रात पहले थोड़ी शराब पी थी, क्या इससे कोई भूमिका हो सकती है? इससे (शराब पीने से) कोई मदद नहीं मिलती।’

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बेन स्टोक्स ने बताया, ‘फिर मैंने सोचा- ठीक है, मुझे जो करना है, उसे बदलना होगा। मुझे नहीं लगता कि मैं कभी पूरी तरह से नशे से दूर हो पाऊंगा, लेकिन मैंने 2 जनवरी के बाद से शराब नहीं पी है। मैंने अपने आप से कहा, ‘तब तक नहीं जब तक मैं अपनी चोट का उपचार पूरा नहीं कर लेता और मैदान पर नहीं लौटता।’बेन स्टोक्स ने कहा, ‘जिस दिन मैं जागता हूं और प्रशिक्षण करने के लिए परेशान नहीं होता हूं, वह ऐसा समय होता है जब आप वास्तव में इसे और नहीं चाहते हैं, लेकिन मुझे रुकने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मुझे लगता है कि मैदान से दूर, जिम में और बाकी जगहों पर मुझे कड़ी मेहनत करनी होगी, ताकि मैं वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाऊं।’

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