नई दिल्ली: इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले ही लगभग ये तय हो गया था कि शुभमन गिल अब क्रिकेट के लंबे प्रारूप में नंबर 4 पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी निभाएंगे। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से ठीक पहले विराट कोहली ने संन्यास ले लिया था और ये जगह खाली हो गई थी। इस नंबर पर एक ऐसे बैटर की जरूरत थी जो पारी को एंकर कर सके और रन भी बनाए और इसके लिए भारतीय टीम मैनेजमेंट ने कप्तान शुभमन गिल को सबसे बेस्ट विकल्प माना था।
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नंबर 4 पर शुभमन गिल सफल होंगे या नहीं इसको लेकर काफी संशय था, लेकिन गिल ने दिखा दिया कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है उस पर खरा उतरने की पूरी काबिलियत उनके पास है। साथ ही भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में नंबर चार पर पहले खेल चुके सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली की विरासत को भी आगे बढ़ाने का पूरा दम-खम उनमें मौजूद है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नंबर 4 पर खेलते हुए गिल ने अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया और इसके बाद ये जाहिर हो गया कि वो इस स्थान के लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले गिल ने कभी भी नंबर 4 पर बैटिंग नहीं की थी और जब उन्हें मौका मिला तब उन्होंने लीड्स टेस्ट मैच में पहली ही पारी में इस क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए 147 रन की कमाल की पारी खेल डाली। हालांकि लीड्स टेस्ट मैच की दूसरी पारी में वो नहीं चल पाए और 8 रन पर आउट हो गए, लेकिन दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में एजबेस्टन, बर्मिंघम में उन्होंने ऐतिहासिक पारी खेलते हुए नंबर 4 पर 269 रन ठोक दिए जो उनके टेस्ट क्रिकेट करियर का बेस्ट स्कोर भी रहा।
गिल ने अब तक 2 टेस्ट मैचों की 3 पारियों में नंबर 4 पर खेलते हुए पूरे जज्बे के साथ बैटिंग की है और जमकर रन बनाने में सफलता हासिल की। उन्होंने इन 3 पारियों में अब तक इस क्रम पर 141.33 की शानदार औसत के साथ 424 रन बनाए हैं जिसमें 2 शतक भी शामिल हैं और उनका स्ट्राइक रेट इन पारियों में 67.30 का रहा। इससे पहले टेस्ट क्रिकेट में गिल नंबर 1,2,3 पर खेल चुके हैं, लेकिन अब एक नई जिम्मेदारी उनके ऊपर है और जिस तरह से उन्होंने शुरुआत की है उससे लगता है कि वो तेंदुलकर-कोहली की विरासत को बखूबी आगे ले जाएंगे।


