नई दिल्ली: भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड के जेमी स्मिथ और हैरी ब्रूक ने दमदार बल्लेबाजी का नमूना पेश किया। इन दोनों प्लेयर्स ने छठे विकेट के लिए 303 रनों की साझेदारी की। एक समय इंग्लैंड की टीम ने 84 रनों पर ही 5 विकेट गंवा दिए थे और वह मुश्किल में थी, इसके बाद ब्रूक और स्मिथ ने दमदार बल्लेबाजी की और उन्हें संकट से उबार दिया। दोनों ही प्लेयर्स ने शतक लगाए।
सबसे तेज शतक जड़ने वाले तीसरे बल्लेबाज बने
जेमी स्मिथ ने अपनी पारी की शुरुआत ही ताबड़तोड़ अंदाज में बैटिंग की। उन्होंने आते ही मोहम्मद सिराज की गेंद पर चौका लगाया और फिर तेजी के साथ रन बनाए। उनके आगे भारतीय बॉलर्स की एक ना चली और बुरी तरह से फ्लॉप रहे। भारतीय गेंदबाजों को समझ ही नहीं आया कि क्या करें? उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में ही शतक पूरा कर लिया। वह इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज शतक जड़ने वाले संयुक्त रूप से तीसरे बल्लेबाज बने। टेस्ट क्रिकेट को उन्होंने बिल्कुल वनडे की तरह खेला।
शतक से चूके जेमी स्मिथ
इस बात की पूरी उम्मीद थी कि जेमी स्मिथ आसानी से दोहरा शतक लगा देंगे, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का साथ नहीं मिला। इसी कारण से वह 184 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 21 चौके और 4 छक्के भी लगाए। जेमी टीम के लिए नंबर-7 पर बल्लेबाजी करने उतरे थे।
नंबर-7 पर खेली सबसे बड़ी टेस्ट पारी
जेमी स्मिथ इंग्लैंड के लिए नंबर-7 पर सबसे बड़ी टेस्ट पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए। जेमी स्मिथ ने केएस रणजीतसिंहजी का 128 साल पुराना रिकॉर्ड चकनाचूर किया है। रणजीतसिंहजी ने 1897 में टेस्ट मैच में इंग्लैंड के लिए नंबर-7 पर खेलते हुए 175 रनों की पारी खेली थी। अब जेमी ने लंबे समय बाद उनका रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
भारतीय टीम को 180 रनों की बढ़त
इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 587 रन बनाए थे। इसके बाद इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में हैरी ब्रूक और जेमी स्मिथ की वजह से 407 रनों का स्कोर बनाया। पहली पारी के आधार पर भारतीय टीम को 180 रनों की बढ़त मिली। टीम के लिए मोहम्मद सिराज ने 6 विकेट हासिल किए। वहीं आकाश दीप के खाते में चार विकेट गए।


