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Monday, March 16, 2026

डूरंड कप दूसरी बार लगातार लौटा जमशेदपुर, ट्रॉफी प्रदर्शन के साथ हुआ भव्य स्वागत

जमशेदपुर: भारत का स्टील सिटी जमशेदपुर एक बार फिर एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट, 134वें इंडियनऑयल डूरंड कप की मेज़बानी करने के लिए तैयार है। लगातार दूसरे वर्ष इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता का आयोजन शहर में किया जा रहा है। डूरंड कप की तीनों ट्रॉफियों को एक्सएलआरई ऑडिटोरियम में भव्य रूप से प्रदर्शित किया गया, जहां झारखंड के माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

इस अवसर पर झारखंड सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विकास मंत्री रामदास सोरेन, हेडक्वार्टर ईस्टर्न कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ एवं डूरंड कप आयोजन समिति के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा (एवीएसएम, एसएम) तथा टाटा स्टील लिमिटेड के कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष श्री डीबी सुंदरा रामम भी मौजूद रहे। डूरंड कप की तीन चमचमाती ट्रॉफियाँ — मूल डूरंड कप ट्रॉफी, 1904 में शिमला के निवासियों द्वारा दी गई रोलिंग शिमला ट्रॉफी, और विजेता टीम को स्थायी रूप से दी जाने वाली प्रेसिडेंट्स कप — को पूरे शहर में रोड शो के जरिए घुमाया जाएगा। यह रोड शो शहर के प्रमुख स्थलों से गुजरा, जिससे फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा गया ।इस अवसर पर माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा, “डूरंड कप एशिया का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट है, जो परंपरा, अनुशासन और खेल भावना का प्रतीक है। जमशेदपुर में लगातार दूसरी बार इसका आयोजन झारखंड की खेल क्षेत्र में बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का खेल तंत्र ‘खेलो इंडिया’ और ‘टॉप्स’ जैसी योजनाओं के माध्यम से पूरी तरह बदल चुका है। झारखंड, जो हमेशा से फुटबॉल को लेकर जुनून से भरा रहा है, इस बदलाव का अहम हिस्सा है।” माननीय मंत्री रामदास सोरेन ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा, “जैसा कि हम जानते हैं, डूरंड कप एशिया का सबसे पुराना टूर्नामेंट है और इसका गौरवशाली इतिहास रहा है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि हमें इसे दोबारा आयोजित करने का अवसर मिला है। झारखंड ने हमेशा खेलों में योगदान दिया है, चाहे वह हॉकी हो या क्रिकेट। इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट का हिस्सा बनना हमारे लिए सम्मान की बात है।”

कार्यक्रम के दौरान दर्शकों को स्थानीय कलाकारों द्वारा संथाली और छऊ नृत्य, साथ ही भांगड़ा नृत्य की मनोरम प्रस्तुतियां भी देखने को मिलीं। लेफ्टिनेंट जनरल मोहित मल्होत्रा ने कहा, “137 वर्षों से अधिक समय से डूरंड कप भारतीय फुटबॉल के विकास का साक्षी रहा है। इसने न केवल महान खिलाड़ी दिए हैं, बल्कि समुदायों को जोड़ा है और पीढ़ियों को प्रेरित किया है। हाल के वर्षों में ईस्टर्न कमांड के नेतृत्व में इस टूर्नामेंट ने नई ऊँचाइयों को छुआ है। हम चाहते हैं कि झारखंड के युवा, फुटबॉल प्रेमी और पूरे शहरवासी इस उत्सव का हिस्सा बनें और विश्व स्तरीय फुटबॉल का आनंद लें।” टाटा स्टील की ओर से डीबी सुंदरा रामम ने कहा, “टाटा स्टील में खेल जीवनशैली का हिस्सा है। हम लंबे समय से भारत में फुटबॉल को जमीनी स्तर से लेकर पेशेवर स्तर तक प्रोत्साहित कर रहे हैं। डूरंड कप ट्रॉफी टूर की शुरुआत करना हमारे लिए गर्व की बात है और हम भारतीय सेना एवं झारखंड सरकार के साथ जुड़कर खुश हैं।”

ट्रॉफी टूर शहर के प्रमुख स्थलों जैसे मैंगो बस स्टैंड, साकची सर्कल, और जूस्को सर्कल से होते हुए जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचा, जहां डूरंड कप के मैच आयोजित होंगे। इसके बाद ट्रॉफियों को बिष्टुपुर चौक पर भी प्रदर्शित किया गया। 8 जुलाई को ट्रॉफी टूर की शुरुआत सुबह 6 बजे जुबली पार्क से होगी। इसके बाद, सुबह 9 बजे से 11 बजे तक टाटा मोटर्स में ट्रॉफी का प्रदर्शन किया जाएगा। दोपहर 12 बजे से लेकर अगले तीन घंटे 30 मिनट तक यह टूर टाटानगर रेलवे स्टेशन में प्रदर्शित रहेगा, और अंत में पी&एम मॉल में ट्रॉफी टूर का समापन होगा।जमशेदपुर में इस बार चार टीमों की मेज़बानी की जाएगी। मेज़बान और स्टील सिटी का गौरव जमशेदपुर एफसी के अलावा, पहली बार डूरंड कप में भाग लेने वाली 1 लद्दाख एफसी, इंडियन आर्मी एफटी और फॉरेन सर्विसेज़ टीम भी इस टूर्नामेंट का हिस्सा होंगी, जिससे इस प्रतियोगिता को एक अंतरराष्ट्रीय स्वरूप मिलता है। कुल सात मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें से एक क्वार्टरफाइनल मुकाबला भी शामिल है। मुकाबलों की शुरुआत 24 जुलाई से होगी। इसके बाद ग्रुप स्टेज के अन्य मैच 29 जुलाई, 2 अगस्त, 5 अगस्त, 8 अगस्त और 11 अगस्त को खेले जाएंगे। क्वार्टरफाइनल मुकाबला 17 अगस्त को आयोजित किया जाएगा।

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