नई दिल्ली: सबीना पार्क में खेला गया पहला गुलाबी गेंद टेस्ट मैच तेज गेंदबाजों के लिए यादगार रहा। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज दोनों टीमों के तेज गेंदबाजों ने स्विंग और सीम गेंदबाजी का जबरदस्त प्रदर्शन किया, जिससे मुकाबला ढाई दिनों के भीतर ही समाप्त हो गया। मिचेल स्टार्क गुलाबी गेंद से फिर अपने बीस्ट मोड में दिखे और विपक्षी बल्लेबाजों को अपनी धुन पर नचाया। शब्दों में लिखूं तो मिचेल स्टार्क ने अपने 100वें टेस्ट में 9 रन देकर 6 विकेट लिए और पूरी तरह अपना दबदबा बनाया। वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी फिर निराशाजनक रही। इसके पीछे असली कारण उनका आसानी से हार मान लेना था। वेस्टइंडीज की टीम चौथी पारी में 14.3 ओवर्स में सिर्फ 27 रन पर ढेर हो गई। यह टेस्ट मैच में पारी का दूसरा सबसे कम स्कोर है, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने 176 रन से तीसरा टेस्ट मैच जीत लिया। उसने तीन टेस्ट मैच की सीरीज में वेस्टइंडीज का सूपड़ा साफ किया और 3-0 से शृंखला अपने नाम की।
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान के इस निर्णय का उद्देश्य था कि टीम शुरुआती हालात का फायदा उठाकर मजबूत स्कोर खड़ा करे। खेल के शुरुआती दो सत्रों में बल्ले और गेंद के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन गुलाबी गेंद ने दूधिया रोशनी में अपना खेल दिखाया और ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी 7 विकेट सिर्फ 68 रन पर गंवा दिए। जवाब में वेस्टइंडीज ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए। कैम्पबेल के अलावा किसी ने भी वास्तव में लचीलापन नहीं दिखाया और मेजबान टीम ने मेहमान टीम को 82 रन की बड़ी बढ़त दिला दी। इस सीरीज ने ऑस्ट्रेलिया का असली रूप दिखाया। जब उसे मुश्किलों का सामना करना पड़ा, तो वापसी करने और जीतने के तरीके ढूंढ़ लिए। ऑस्ट्रेलिया ने 3-0 से सीरीज जीतकर अपना दबदबा साबित किया। इस जीत के साथ उन्होंने WTC 2025-27 की पॉइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया।

