नई दिल्ली : सोमवार को भारत और इंग्लैंड के बीच जारी टेस्ट सीरीज के तीसरे मैच का आखिरी दिन था। इस मुकाबले में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले और अंततः टीम इंडिया को करीबी हार का सामना करना पड़ा। यह सब कुछ भारतीय समयानुसार देर शाम तक खत्म हो गया, लेकिन जब भारत में लोग रात को सो रहे थे, तब एक और रोमांचक मुकाबला दुनिया के दूसरे हिस्से में खेला जा रहा था। यह मैच था ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच, जहां ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा टेस्ट अपने नाम किया। इस मुकाबले में रनों और विकेटों की बारिश के साथ रिकॉर्ड की झड़ी लग गई, जिसने क्रिकेट प्रेमियों को पूरी तरह रोमांचित कर दिया। इस मैच में वैसे तो काफी कुछ हुआ, लेकिन मिचेल स्टार्क ने जिस तरह की घातक गेंदबाजी की, वो अपने आप में काबिलेतारीफ है। मिचेल स्टार्क ने जो कारनामा किया, वो 21वीं सदी में इरफान पठान के बाद कोई नहीं कर पाया था, लेकिन अब मिचेल स्टार्क ने करीब करीब वैसा ही काम करके दिखाया है।
मिचेल स्टार्क ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत ही धमाकेदार अंदाज़ में की। उन्होंने पहले ही ओवर में अपनी घातक गेंदबाज़ी से कहर बरपाया, उन्होंने पहले ओवर की पहली ही बॉल पर विकेट लिया। इसके बाद तीन तीन बॉल पर उन्हें कोई विकेट तो नहीं मिला, लेकिन उन्होंने इस दौरान कोई रन भी नहीं दिया। इसके बाद आखिरी दो बॉल पर फिर से मिचेल स्टार्क ने बैक टू बैक दो विकेट लिए। यानी ओवर में बिना कोई रन दिए, उन्होंने तीन विकेट झटके और ये पहला ही ओवर था।
इससे पहले ऐसा ही कारनामा भारत के तेज गेंदबाज इरफान पठान ने किया था। इरफान पठान ने साल 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान के कराची में पहले ओवर में ही हैट्रिक ले ली थी। ओवर की पहली तीन बॉल पर उन्होंने कोई रन नहीं दिया, लेकिन इसके बाद आखिरी तीन बॉल पर तीन विकेट लेकर इतिहास रच दिया था। उन्होंने ओवर में कोई रन दिए बगैर तीन विकेट अपने नाम किए थे। 21वीं सदी यानी साल 2000 के बाद दूसरी बार ही ऐसा कारनामा देखने के लिए मिला है।
इस मैच में जहां एक ओर मिचेल स्टार्क ने अपनी धारदार गेंदबाज़ी से छह विकेट झटके, वहीं दूसरी ओर स्कॉट बोलैंड ने हैट्रिक लेकर सनसनी मचा दी। दोनों गेंदबाज़ों की घातक जोड़ी के सामने वेस्टइंडीज की बल्लेबाज़ी पूरी तरह बिखर गई मिचेल स्टार्क ने 7.3 ओवर में केवल 9 रन देकर 6 विकेट लिए। बात अगर बोलैंड की करें तो उन्होंने दो ओवर में दो रन देकर तीन विकेट ले लिए। यही वजह रही कि ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच को 176 रन के भारी अंतर से जीत लिया है। तीन मैचों की सीरीज में भी वेस्टइंडीज का पूरी तरह से सफाया हो गया है। हालांकि ये मैच मिचेल स्टार्क और स्कॉट बोलैंड के लिए याद किया जाएगा।

