नई दिल्ली. वेस्टइंडीज़ के दिग्गज ऑलराउंडर आंद्रे रसल ने 2016 टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ खेली गई अपनी नाबाद 43 रनों की पारी को अपने करियर की सबसे बेहतरीन पारी बताया है। उन्होंने कहा कि उस दबावभरे मुकाबले में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेलना उनके लिए सबसे यादगार अनुभव था।
उस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए वेस्टइंडीज़ को 194 रन का लक्ष्य दिया था। जवाब में जब रसल बैटिंग करने आए, तो टीम को 41 गेंदों में 77 रन चाहिए थे। रसल ने आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए 20 गेंदों पर नाबाद 43 रन बनाए और विराट कोहली की गेंद पर मिडविकेट पर चौका लगाकर टीम को फाइनल में पहुंचा दिया।
रसल ने क्रिकेट वेस्टइंडीज़ से बातचीत में कहा, “भारतीय दर्शकों के सामने 190+ रन का पीछा करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन पिच अच्छी थी और हम आत्मविश्वास के साथ उतरे थे।”
सबिना पार्क से विदाई लेंगे रसल
अब रसल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जमैका के सबिना पार्क में होने वाले दो टी20 मैचों के बाद क्रिकेट को अलविदा कहेंगे। यह मैदान उनका घरेलू ग्राउंड है। रसल ने कहा, “मैं पहली बार सबिना पार्क तब आया था जब मैं बच्चा था। अब यहीं से संन्यास लेना मेरे लिए बहुत भावुक पल होगा।”
रसल ने वेस्टइंडीज़ के लिए 84 टी20, 56 वनडे और 1 टेस्ट मैच खेला है। उन्होंने 2010 में श्रीलंका के खिलाफ अपना एकमात्र टेस्ट और 2019 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेला था।

