नई दिल्ली: भारतीय शटलर एचएस प्रणय ने जबरदस्त जज्बा दिखाते हुए चाइना ओपन सुपर 1000 बैडमिंटन टूर्नामेंट के दूसरे दौर में प्रवेश किया। उन्होंने मंगलवार को जापान के कोकी वतनबे के खिलाफ मुकाबले में एक गेम से पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी की और पांच मैच अंक बचाते हुए जीत दर्ज की। यह जीत उनके जुझारूपन और अनुभव का नतीजा रही। हालांकि, लक्ष्य सेन एक बार फिर पहली बाधा पार नहीं कर पाए। विश्व के 35वें नंबर के खिलाड़ी प्रणय ने 18वें नंबर के वतनबे के खिलाफ 8-21, 21-16, 23-21 से जीत हासिल की। लक्ष्य का खराब प्रदर्शन जारी रहा और उन्हें अच्छी शुरुआत के बावजूद चीन के पांचवें वरीय ली शी फेंग से 21-14, 22-24, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा।
प्रणय ने बताया जीत का मंत्र
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रणय ने मैच के बाद कहा, ‘मेरे करियर के इस पड़ाव पर, हर जीत मायने रखती है। मैं टूर पर वापस आकर खुश हूं। खेल का स्तर वास्तव में काफी बेहतर हो गया है और आपको शुरू से ही कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। अब हर राउंड जीतना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। पुरुष एकल में औसत आयु अचानक 22-23 वर्ष हो गई है। बहुत सारे नए चेहरे हैं और आप वास्तव में नहीं जानते कि उनका खेल कैसा है। अब अनुभव बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता है।’
भारतीय शटलर पहले गेम में जापानी खिलाड़ी कोकी वतनबे के सामने बिल्कुल भी टिक नहीं पाए और एकतरफा अंदाज़ में गेम हार गए। लेकिन दूसरे गेम में उन्होंने शानदार वापसी की, रैली पर पकड़ मजबूत की और स्कोर को बराबरी पर ला दिया, जिससे मुकाबले में रोमांच लौट आया। तीसरा और निर्णायक गेम काफी रोमांचक रहा। प्रणय आखिरी गेम में 2-11 से पीछे थे, लेकिन फिर उन्होंने लगातार पांच अंक लेकर अंतर कम कर दिया। फिर भी 15-20 के स्कोर पर जापान के खिलाड़ी के पास पांच मैच प्वाइंट थे। भारतीय खिलाड़ी ने इन सभी मैच प्वाइंट को बचाकर 21-20 की मामूली बढ़त हासिल कर ली और आखिर में यादगार जीत दर्ज की।
अनुपमा को लगा बड़ा झटका
महिला एकल में अनुपमा उपाध्याय पहले ही दौर में चीनी ताइपे की लिन ह्सियांग ती से 23-21, 11-21, 10-21 से हारकर बाहर हो गईं। ए सूर्या और ए प्रमुथेश तथा रोहन कपूर और रुथविका गड्डे की मिश्रित युगल जोड़ियां भी अपने शुरुआती दौर के मैच हार गईं।

