मैनचेस्टर. इंग्लैंड और भारत के बीच चौथा टेस्ट रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है, लेकिन तीसरे दिन का खेल पूरी तरह इंग्लैंड के नाम रहा। भारत की पहली पारी के 358 रन के जवाब में इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 7 विकेट पर 544 रन बना लिए हैं। अब इंग्लैंड को भारत पर 186 रनों की मजबूत बढ़त हासिल हो चुकी है और मैच में उनका दबदबा साफ़ दिख रहा है।इस दिन का सबसे बड़ा आकर्षण रहे पूर्व कप्तान जो रूट, जिन्होंने न सिर्फ़ शानदार 150 रन बनाए, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। रूट की इस पारी में धैर्य, तकनीक और अनुभव का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। उन्होंने एक बार फिर यह साबित किया कि क्यों वह मौजूदा दौर के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज़ों में से एक हैं।
दिन की शुरुआत इंग्लैंड ने 332 रन पर 2 विकेट से की। रूट (63*) और ओली पोप (70*) ने भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा। दोनों ने बिना कोई विकेट गंवाए सुबह का सत्र खेला और इंग्लैंड को तेज़ी से आगे बढ़ाया। इस दौरान रूट ने 31 रन पूरे करते ही टेस्ट क्रिकेट में 13,289 रन के आंकड़े को छूते हुए राहुल द्रविड़ और जैक कैलिस को पीछे छोड़ दिया। अब वह टेस्ट इतिहास में तीसरे सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं।
ओली पोप ने भी 87 रन बनाए और सुंदर की गेंद पर स्लिप में कैच आउट हुए। इसके बाद सुंदर ने हैरी ब्रूक को स्टंप भी किया, जिससे भारत को थोड़ी राहत मिली। लेकिन रूट एक छोर पर टिके रहे और 178वीं गेंद पर स्क्वॉयर लेग की दिशा में चौका मारकर अपना 38वां टेस्ट शतक पूरा किया। यह उनके करियर का भारत के खिलाफ 12वां टेस्ट शतक रहा, जो एक नया रिकॉर्ड है। इससे पहले किसी भी विदेशी बल्लेबाज़ ने भारत के खिलाफ इतने शतक नहीं लगाए थे।
बेन स्टोक्स भी इस दिन चर्चा का विषय रहे। उन्होंने चोट के बावजूद टीम के लिए शानदार बल्लेबाज़ी की। टी ब्रेक से पहले उन्होंने अपना 38वां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्हें पैर में खिंचाव महसूस हुआ और वे मैदान से बाहर चले गए। हालांकि बाद में वह वापस लौटे और नाबाद बल्लेबाज़ी करते हुए इंग्लैंड की बढ़त को और मजबूत किया।
टी ब्रेक तक इंग्लैंड का स्कोर 433/4 था, रूट 121 रन और स्टोक्स 36 रन पर नाबाद थे। आखिरी सत्र में रूट ने 150 रन पूरे किए, लेकिन रवींद्र जाडेजा की गेंद पर स्टंप हो गए। इसके बाद इंग्लैंड ने 544 रन तक स्कोर पहुंचाया। दिन का खेल खत्म होने तक बेन स्टोक्स और डॉसन नाबाद थे।भारत की गेंदबाज़ी असरदार नहीं रही। रविचंद्रन अश्विन की गैरमौजूदगी में भारत के पास स्पिन का अनुभव कम दिखा। वॉशिंगटन सुंदर और जाडेजा ने कुछ मौके बनाए, लेकिन इंग्लिश बल्लेबाज़ों की समझदारी के सामने वे ज़्यादा कारगर साबित नहीं हुए।
अब मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के पाले में नजर आ रहा है। अगर भारत को मैच और सीरीज़ में वापसी करनी है, तो चौथे दिन की शुरुआत से ही उसे इंग्लैंड को जल्द समेटना होगा और फिर दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाज़ी करनी होगी।इस मैच का तीसरा दिन सिर्फ आंकड़ों में नहीं, जज़्बे और अनुभव में भी इंग्लैंड के नाम रहा। जो रूट और बेन स्टोक्स की पारियां आने वाले दिनों में क्रिकेट फैंस के लिए मिसाल बन सकती हैं।


