जार्जिया. FIDE विमेंस वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में पहली बार दो भारतीय महिला शतरंज खिलाड़ी आमने-सामने हैं। शनिवार को खेले गए पहले फाइनल गेम में कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा। यह मैच जॉर्जिया के बटुमी शहर में खेला गया। दिव्या ने शुरुआत में आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन हम्पी ने धैर्य के साथ खेल को संतुलित किया और मुकाबला बराबरी पर समाप्त किया।
अब दूसरा और निर्णायक गेम रविवार को खेला जाएगा, जिसमें हम्पी को सफेद मोहरे मिलेंगे, जो खेल में एक हल्का फायदा माना जाता है। अगर दूसरा गेम भी ड्रॉ होता है, तो विजेता का फैसला टाईब्रेकर से किया जाएगा, जिसमें कम समय की बाजियां होती हैं। हम्पी की टाईब्रेकर में शानदार परफॉर्मेंस को देखते हुए उन्हें मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
हम्पी ने सेमीफाइनल में चीन की टिंगजी लेई को टाईब्रेकर में हराकर फाइनल में जगह बनाई, जबकि दिव्या ने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन तान झोंग्यी को मात दी। इस टूर्नामेंट में भारत की चार महिला खिलाड़ियों (हम्पी, दिव्या, हरिका और वैशाली) का क्वार्टर फाइनल में पहुंचना भी भारतीय शतरंज के लिए गर्व की बात रही। यह इस बात का संकेत है कि भारतीय महिला शतरंज विश्व स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है।


