नई दिल्ली: क्रिकेट अब वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत कर चुका है और इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए क्रिकेट को ओलंपिक 2028 (लॉस एंजेलिस) में शामिल किया गया है, जिससे क्रिकेट प्रेमियों में खुशी की लहर है। इस प्रतिष्ठित खेल महाकुंभ में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 6-6 टीमों को भाग लेने का मौका मिलेगा। अब यह जानना बेहद रोचक हो गया है कि ये छह टीमें कौन‑सी होंगी। इसी को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसमें भागीदारी के लिए चयन की प्रक्रिया और संभावित टीमों की सूची को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं।
बैठक में बनी रणनीति
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में सिंगापुर में हुई आईसीसी की सालाना बैठक में ओलंपिक 2028 के लिए क्रिकेट की क्वालीफिकेशन प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसमें रीजनल क्वालीफिकेशन को प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत एशिया, ओशिनिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका जैसे पांच महाद्वीपों से एक-एक टीम को जगह दी जाएगी। हालांकि, छठी टीम किस आधार पर चुनी जाएगी, यह अभी तय नहीं किया गया है। चूंकि ओलंपिक एक वैश्विक मंच है, इसलिए आईसीसी का प्रयास है कि इसमें सभी क्षेत्रों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
रैंकिंग के आधार पर भारत, ऑस्ट्रेलिया, ग्रेट ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका को फायदा
ओलंपिक 2028 में अमेरिका को मेजबान होने के नाते सीधे एंट्री मिल गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी टी20 रैंकिंग के आधार पर भारत को एशिया से, ऑस्ट्रेलिया को ओशिनिया से, ग्रेट ब्रिटेन को यूरोप से और साउथ अफ्रीका को अफ्रीका से ओलंपिक में जगह मिलनी तय मानी जा रही है। ये सभी टीमें अपनी वर्तमान रैंकिंग के दम पर सीधी क्वालीफाई करेंगी।
टी20 रैंकिंग में पिछड़ा पाकिस्तान, ओलंपिक में नहीं मिलेगी एंट्री?
इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि एशिया से ओलंपिक 2028 में सिर्फ एक ही टीम को मौका मिलेगा और मौजूदा टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग के अनुसार भारतीय टीम को यह स्थान मिलना तय है। भारत फिलहाल आईसीसी टी20 रैंकिंग में पहले पायदान पर है और उसके पास 271 रेटिंग अंक हैं। वहीं पाकिस्तान 229 अंकों के साथ सातवें स्थान पर है। ऐसे में पाकिस्तान की कमजोर रैंकिंग उसकी राह में सबसे बड़ी बाधा बन गई है, जिससे उसका ओलंपिक में खेलना लगभग नामुमकिन नजर आ रहा है।
128 साल पहले खेला गया था ओलंपिक क्रिकेट
ओलंपिक में क्रिकेट की शुरुआत 128 साल पहले, यानी 1900 में हुई थी। उस समय यह खेल सिर्फ एक बार खेला गया था, जिसमें ग्रेट ब्रिटेन और फ्रांस के बीच एकमात्र मुकाबला हुआ था। इस ऐतिहासिक फाइनल में ब्रिटेन ने 158 रनों से बड़ी जीत दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इसके बाद लंबे समय तक क्रिकेट ओलंपिक से बाहर रहा, लेकिन अब एक बार फिर यह खेल 2028 में वापसी करने जा रहा है।

