नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का अंतिम मुकाबला लंदन के केनिंग्टन ओवल मैदान पर खेला जा रहा है। इस मुकाबले में इंग्लैंड के कार्यवाहक कप्तान ओली पोप ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। खास बात यह रही कि भारतीय कप्तान शुभमन गिल इस पूरी सीरीज में एक भी बार टॉस नहीं जीत सके। इस तरह गिल एक टेस्ट सीरीज में सभी टॉस हारने वाले कप्तानों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिसमें पहले से ही विराट कोहली का नाम दर्ज है।
विराट कोहली के बाद शुभमन गिल ने रचा इतिहास
शुभमन गिल के लिए यह टेस्ट सीरीज बतौर कप्तान पहली चुनौती थी, जिसमें उन्होंने बतौर बल्लेबाज तो बेहतरीन प्रदर्शन कर सभी का ध्यान खींचा, लेकिन कप्तानी के लिहाज़ से टॉस के मोर्चे पर उन्हें लगातार नाकामी हाथ लगी। इस पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में गिल एक भी बार टॉस नहीं जीत सके। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा अब तक केवल 14 बार ही हुआ है, जब कोई कप्तान लगातार पांच मैचों में टॉस हारा हो। इस दुर्लभ रिकॉर्ड ने गिल को एक अलग सूची में शामिल कर दिया है।
वहीं 21वीं सदी में ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ है जब किसी 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में एक टीम कोई भी टॉस जीतने में कामयाब नहीं हो सकी। इससे पहले ऐसा सिर्फ साल 2018 में टीम इंडिया के इंग्लैंड दौरे पर हुआ था, जब विराट कोहली कप्तानी संभाल रहे थे और एक भी मुकाबले में टॉस नहीं जीत पाए थे। पिछली 13 टेस्ट सीरीज में जब किसी टीम ने सभी टॉस हारे उसमें तीन बार वह सीरीज को बराबरी पर खत्म करने में कामयाब हुई तो वहीं एक बार सीरीज जीती भी है जो साल 1953 में इंग्लैंड ने किया था जब उन्होंने घर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज खेली थी।
पिछले 7 मुकाबलों में कप्तानों ने चुनी गेंदबाजी
इंग्लैंड टीम की ओर से ओवल टेस्ट में कप्तानी कर रहे ओली पोप ने टॉस जीतते ही पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। यह फैसला कोई इत्तेफाक नहीं है, क्योंकि ओवल में खेले गए पिछले सात टेस्ट मैचों में भी टॉस जीतने वाली टीम ने पहले गेंदबाजी को ही प्राथमिकता दी है। इतना ही नहीं, मई 2023 से अब तक इस मैदान पर खेले गए 22 फर्स्ट क्लास मैचों में भी यही ट्रेंड देखने को मिला है। हर बार टॉस जीतने वाली टीम ने पहले बॉलिंग करना ही बेहतर समझा है। इस मुकाबले में दोनों टीमों ने अपनी प्लेइंग इलेवन में चार-चार बदलाव किए हैं।

