नई दिल्ली: रोहित शर्मा के बाद अब भारतीय टेस्ट टीम की कप्तानी शुभमन गिल को सौंपी गई है। टी20 इंटरनेशनल की तरह ही टेस्ट क्रिकेट में भी गिल को अपने पहले ही मैच में बतौर कप्तान हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार से उबरते हुए जबरदस्त वापसी की और इंग्लैंड के खिलाफ उनकी ही सरजमीं पर सीरीज ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन ने सभी को चौंकाया और अब ऐसा लगने लगा है कि शुभमन गिल भी विराट कोहली जैसी ही कहानी दोहरा रहे हैं। आगे जो तथ्य सामने आते हैं, वो इस सोच को और मजबूती देते हैं।
कप्तानी के बाद विराट कोहली के प्रदर्शन में आया था उछाल
दरअसल, विराट कोहली जब सिर्फ एक खिलाड़ी थे तब उनका बल्लेबाजी औसत सामान्य था, लेकिन जैसे ही उन्होंने कप्तानी संभाली, उनका औसत अचानक काफी बढ़ गया। कप्तानी ने उनके खेल में और निखार ला दिया। बतौर कप्तान पहली ही सीरीज में उनके साथ ऐसा हुआ। अब जरा नजर आंकड़ों पर डालते हैं। विराट कोहली साल 2014 में टेस्ट कप्तान बने थे। उस वक्त टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर थी। इस सीरीज से पहले विराट कोहली का बल्लेबाजी औत 39.46 का था, लेकिन जब सीरीज खत्म हुई तब उनका औसत 46.30 का हो चुका था। इस पूरी सीरीज के दौरान विराट कोहली ने कमाल की बल्लेबाजी की, जिसका असर उनके औसत पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।
कप्तानी के बाद निखर गया शुभमन गिल का खेल
अब बात करते हैं शुभमन गिल की। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले तक उनका बल्लेबाजी औसत 35.05 था। लेकिन सीरीज खत्म होते-होते यह औसत बढ़कर 41.35 हो गया, जो बतौर कप्तान उनके निखरते खेल को दर्शाता है। यानी विराट कोहली की ही तरह शुभमन गिल ने भी कप्तान बनते ही और भी बेहतर बल्लेबाजी शुरू कर दी है। शुभमन गिल ने इस सीरीज के दौरान कुल चार शतक लगाए और एक बार तो वे दोहरा शतक भी बनाने में कामयाब रहे। ये पहली बार था, जब गिल ने डबल सेंचुरी लगाई हो। बल्लेबाज के तौर पर तो गिल ने में निखार आया ही है, साथ ही कप्तान के तौर पर भी गिल काफी बदले हुए से नजर आए। यही कारण रहा कि आखिरकार भारतीय टीम इंग्लैंड की धरती पर जाकर टेस्ट सीरीज को बराबर करने में कामयाब रही।
कप्तानी के साथ बल्लेबाज़ी में भी चमके गिल
शुभमन गिल ने इस सीरीज में 750 से ज्यादा रन बनाकर कई पुराने रिकॉर्ड्स को तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया। शुभमन की बल्लेबाजी को लेकर तो कभी किसी को शक था ही नहीं, बस ये देखना था कि कप्तान बनने के बाद वे कैसी बल्लेबाजी करते हैं। अपना टेस्ट करियर सलामी बल्लेबाज के तौर पर शुरू करने के बाद वे तीसरे नंबर पर आए और इसके बाद कप्तान बनते ही नंबर चार पर बल्लेबाजी करने लगे। गिल ने कप्तान के तौर पर पहली परीक्षा तो पास कर ली है, लेकिन अब जब वे आगे अपने घर पर कप्तानी करेंगे, तब फिर देखना होगा कि गिल क्या करते हैं।


