नई दिल्ली: जब से इंग्लैंड में बैजबॉल ऐरा की शुरुआत हुई है, तब से वहां जाकर सीरीज ड्रॉ कराना या जीतना किसी भी टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। इंग्लैंड की आक्रामक और बदली हुई टेस्ट रणनीति के चलते विपक्षी टीमें पहले से ज्यादा सतर्क और रणनीतिक बन गई हैं। हालांकि अब तक सिर्फ दो टीमें ही ऐसी रही हैं जो इस बैजबॉल ऐरा में इंग्लैंड जाकर टेस्ट सीरीज को बराबरी पर खत्म करने में सफल रही हैं और उन दो में से एक है टीम इंडिया।
मैकुलम और स्टोक्स की जोड़ी ने बदली इंग्लिश टेस्ट क्रिकेट की परिभाषा
दरअसल, इंग्लैंड में बैजबॉल एरा की शुरुआत तब हुई जब बेन स्टोक्स को टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई और ब्रेंडन मैकुलम को हेड कोच बनाया गया। तभी से इंग्लिश टीम का खेल का अंदाज़ पूरी तरह से बदल गया। इसके बाद इंग्लैंड की टीम टेस्ट में भी वनडे वाला ही रवैया अपनाती है, यानी तेजी से रन बनाने का फार्मूला। विदेशी दौरों की बात तो अलग है, लेकिन इस बैजबॉल एरा में इंग्लैंड की टीम अपने घर पर कोई भी टेस्ट सीरीज हारी नहीं है। केवल दो ही बार ऐसा हुआ है, जब सीरीज बराबरी पर खत्म हुई है।
बैजबॉल एरा में इंग्लैंड बना अपराजेय योद्धा
बैजबॉल एरा में इंग्लैंड ने अपने घर में अब तक आठ टेस्ट सीरीज खेली हैं, जिनमें से छह में जीत हासिल की और दो ड्रॉ रहीं। इस दौरान एक भी सीरीज में इंग्लैंड को हार का सामना नहीं करना पड़ा। भारत और इंग्लैंड के बीच हाल ही में पांच मैचों की सीरीज 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई है। इससे पहले इसी ऐरा में जब इंग्लैंड में एशेज सीरीज खेली गई तो पांच मैचों की वो सीरीज भी 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई थी। यानी ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत की ऐसी टीम है, जो इंग्लैंड में जाकर सीरीज को बराबर करने में सफल रही है। बाकी टीमें सीरीज हारकर ही वापस लौटी हैं।
स्टोक्स ने फिर दोहराया करिश्मा, सीरीज को दिलाई बराबरी
साल 2021-22 में टीम इंडिया ने इंग्लैंड दौरे पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली थी। जब सीरीज के चार मैच हुए थे, तब भारतीय टीम सीरीज में 2-1 से आगे थी, लेकिन आखिरी टेस्ट नहीं हो पाया और इसे टाल दिया गया। उस वक्त कप्तानी की जिम्मेदारी जो रूट के पास थी, लेकिन जब एक साल बाद बचा हुआ ये टेस्ट हुआ, तब कमान बेन स्टोक्स के पास आ चुकी थी। स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड ने आखिरी टेस्ट जीता और सीरीज को बराबर पर लाकर खत्म कर दिया था। उसके बाद तो सारी तस्वीर ही पलट गई है। अब देखना है कि ऐसी कौन सी टीम होगी जो इंग्लैंड जाए और वहां से सीरीज जीतकर वापस लौटे, इसके लिए इंतजार करना होगा।

