नई दिल्ली: द हंड्रेड मेंस 2025 में नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स को दो बड़े झटके लगे हैं। टीम को इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स इस सीजन खिलाड़ी के रूप में उपलब्ध नहीं होंगे। वह इस बार टीम के मेंटर की भूमिका निभाएंगे। वहीं तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स भी पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। हैरी ब्रूक की अगुवाई वाली टीम की कमान कोच एंड्रयू फ्लिंटॉफ संभाल रहे हैं, जो इंग्लैंड के पूर्व कप्तान रह चुके हैं। स्टोक्स कंधे की चोट के कारण भारत के खिलाफ 5वें टेस्ट में नहीं खेले थे। ओवल में खेले गए इस मैच को भारत ने 6 रन से जीतकर सीरीज 2-2 से बराबर कर ली थी। द हंड्रेड से स्टोक्स वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण जनवरी में ही बाहर हो गए थे। वह कंधे की चोट से उबरने के लिए रिहैब जारी रखते हुए नदर्न सुपरचार्जर्स के मेंटर की जिम्मेदारी संभालेंगे।
बेन स्टोक्स ने मेंटर बनने पर दी प्रतिक्रिया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष की शुरुआत में बेन स्टोक्स ने कहा था, “आप मुझे द हंड्रेड में देखेंगे, लेकिन खिलाड़ी के तौर पर नहीं। मुझे जनवरी में ही तय करना था कि मैं टूर्नामेंट में हिस्सा लूंगा या नहीं, लेकिन वह मेरी हैमस्ट्रिंग सर्जरी के बाद था। मैंने कहा था कि मैं अभी भी इसका हिस्सा बनना चाहता हूं। मेरे पास नोटबुक और पेन नहीं होगा। मैंने कहा था कि मैं आऊंगा और टीम को अपना समय दूंगा। मैं अपने रिहैब पर ध्यान केंद्रित करूंगा।” यह बयान साफ करता है कि स्टोक्स इस बार खिलाड़ियों की तरह नहीं बल्कि एक गाइड या मेंटर की भूमिका में दिखेंगे, जिससे उनकी टीम को मैदान के बाहर से अनुभव और समर्थन मिलेगा।
ब्रायडन कार्स पूरे टूर्नामेंट से रहेंगे दूर
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स को मेडिकल स्टाफ की सलाह पर द हंड्रेड 2025 से आराम दिया गया है। नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स ने उनकी जगह लंकाशायर के तेज गेंदबाज मिचेल स्टेनली को टीम में शामिल किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कार्स ने कहा, “भारत के खिलाफ लंबी सीरीज के बाद और मेडिकल टीम से सलाह लेने के बाद यह फैसला लेना पड़ा। दुख है कि मैं इस साल सुपरचार्जर्स के लिए नहीं खेल पाऊंगा। हालांकि, मैं टीम के मैच देखने और भविष्य में फिर से प्रतिनिधित्व करने को लेकर उत्साहित हूं।”
वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत लिया गया फैसला
डरहम के तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स ने हाल ही में भारत के खिलाफ खेली गई तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी में जबरदस्त गेंदबाजी की थी। उन्होंने चार टेस्ट मैचों में कुल 155 ओवर फेंके थे। ओवल में खेले गए आखिरी टेस्ट मैच के लिए उन्हें आराम दिया गया था। इंग्लैंड का शेड्यूल बेहद व्यस्त है, और ऐसे में यह फैसला वर्कलोड मैनेजमेंट का हिस्सा है। सितंबर में इंग्लैंड को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज खेलनी है, जिसके बाद आयरलैंड और न्यूजीलैंड के दौरे, और फिर ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज भी शेड्यूल में है।

