(NST News) भोपाल. राजधानी के ओल्ड कैंपेन ग्राउंड में 8 से 11 दिसंबर तक इतिहास रचने वाला पहला इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित होगा। उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसाइटी और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त प्रयास से होने वाले इस आयोजन में भारत, श्रीलंका और नेपाल की व्हीलचेयर क्रिकेट टीमें आमने-सामने होंगी। टूर्नामेंट की खासियत यह होगी कि इसमें अस्थिबाधित महिला क्रिकेटर्स का भी रोमांचक प्रदर्शन देखने को मिलेगा। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और झारखंड की टीमें इस श्रेणी में अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी। इन खिलाड़ियों में से कुछ के पास एक हाथ या एक पैर नहीं है, कुछ कृत्रिम अंग के सहारे खेलती हैं, लेकिन उनका जुनून और जज्बा किसी सामान्य खिलाड़ी से कम नहीं।
टीमों का चयन दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया द्वारा किया गया है। आयोजन समिति की संस्थापक दीप्ति पटवा ने बताया कि यह संस्था की नेशनल ट्रॉफी का चौथा संस्करण है। इससे पहले संस्था देश का पहला डे-नाइट व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट और पहला अस्थिबाधित महिला क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित कर चुकी है, जिन्हें खेल जगत में खूब सराहना मिली थी।
व्हीलचेयर क्रिकेट में खिलाड़ी पूरी तरह व्हीलचेयर पर बैठकर बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग करते हैं, जो दर्शकों के लिए बेहद प्रेरणादायक दृश्य होता है। खेल के दौरान मैदान में जो ऊर्जा और तालमेल देखने को मिलता है, वह खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों को मात देने की क्षमता का प्रतीक है।
आयोजकों का मानना है कि इस टूर्नामेंट से न केवल दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अवसर बढ़ेंगे, बल्कि समाज में उनकी क्षमताओं को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण भी मजबूत होगा। ऐसे आयोजनों से यह संदेश जाता है कि कठिनाइयां चाहे जितनी भी हों, इच्छाशक्ति और मेहनत से हर चुनौती को पार किया जा सकता है। मैचों के दौरान शहर के खेल प्रेमियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आमजन के जुटने की संभावना है। आयोजकों को उम्मीद है कि दर्शक खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने और उनके हुनर को सराहने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।

