नई दिल्ली. पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट खेलने का विरोध जताया है। उनका कहना है कि देश की सुरक्षा और सम्मान सबसे पहले हैं, खेल बाद में। हरभजन ने साफ कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते। जब सीमा पर तनाव है, तो क्रिकेट का कोई मतलब नहीं है। हाल ही में वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) में भी हरभजन, युवराज सिंह और शिखर धवन जैसे खिलाड़ियों ने पाकिस्तान चैंपियंस टीम के खिलाफ खेलने से इनकार किया था। यह फैसला पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिया गया था।
सरहद पहले, क्रिकेट बाद में
हरभजन ने कहा कि टीम इंडिया को समझना होगा कि देश के सैनिकों का बलिदान किसी भी खेल से बड़ा है। उन्होंने कहा— “हमारे जवान महीनों तक अपने परिवार को नहीं देख पाते और कभी-कभी देश के लिए अपनी जान भी दे देते हैं। ऐसे में क्रिकेट मैच न खेलना कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में सुधार नहीं होता, तब तक खेल से ज्यादा जरूरी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
मीडिया पर भी सवाल
हरभजन ने मीडिया से भी अपील की कि पाकिस्तान को अनावश्यक तवज्जो न दी जाए। जब हमने उनका बहिष्कार कर रखा है, तो उन्हें टीवी पर दिखाने की जरूरत क्या है? यह आग में घी डालने जैसा है। उन्होंने यहां तक कहा कि जैसे खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाते, वैसे ही मीडिया को भी उनकी प्रतिक्रियाओं को हाइलाइट नहीं करना चाहिए।
एशिया कप में भारत-पाकिस्तान
एशिया कप का आयोजन 9 सितंबर से UAE में होगा। भारत-पाकिस्तान का मुकाबला 14 सितंबर को लीग स्टेज में होना है और सुपर-4 में फिर टकराव संभव है। अगर दोनों फाइनल में पहुंचे तो यह तीसरी भिड़ंत होगी। भारत मौजूदा चैंपियन है, जिसने पिछले फाइनल में श्रीलंका को 10 विकेट से हराया था।

