24.1 C
New Delhi
Wednesday, March 11, 2026

रोहित कृष्णा एस बने देश के 89वें ग्रैंडमास्टर, कजाकिस्तान में अल्माटी मास्टर्स कोनाएव कप पर किया कब्ज़ा

नई दिल्ली: रोहित कृष्णा एस ने शतरंज में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत के 89वें ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने यह सफलता कजाकिस्तान में आयोजित अल्माटी मास्टर्स कोनाएव कप में अपना अंतिम जीएम नॉर्म हासिल करके पाई। इस टूर्नामेंट में रोहित ने 9 में से 6 अंक जुटाए और साथ ही 2500 एलो रेटिंग का महत्वपूर्ण आंकड़ा भी पार किया, जो ग्रैंडमास्टर बनने की अनिवार्य शर्तों में से एक है।

रोहित कृष्णा एस ने रचा इतिहास, बने भारत के 89वें ग्रैंडमास्टर

ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल करने के लिए रोहित कृष्णा एस ने अपने अंतिम दौर में इंटरनेशनल मास्टर आर्टुर दावत्यान को मात दी। यह युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी वर्तमान में कोच के. विश्वेश्वरन के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने दिव्या देशमुख भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर बनी थीं, जब उन्होंने फाइनल में भारत की ही अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को टाईब्रेकर में हराकर एफआईडीई महिला विश्व कप अपने नाम किया था। दिव्या की इस जीत के साथ ही वह ग्रैंडमास्टर बनने वाली भारत की चौथी महिला भी बन गईं।

ग्रैंडमास्टर कौन होता है?

ग्रैंडमास्टर शतरंज जगत की सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च उपाधि है, जिसे पाना किसी भी खिलाड़ी के लिए करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। यह उपाधि अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE – Fédération Internationale des Échecs) द्वारा प्रदान की जाती है, जिसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लुसाने में स्थित है। शतरंज में कई स्तरों के टाइटल दिए जाते हैं, जिनमें इंटरनेशनल मास्टर (IM), FIDE मास्टर (FM), कैंडिडेट मास्टर (CM) और उनके महिला-विशिष्ट समकक्ष—वुमन ग्रैंडमास्टर (WGM), वुमन इंटरनेशनल मास्टर (WIM), वुमन FIDE मास्टर (WFM) और वुमन कैंडिडेट मास्टर (WCM) शामिल हैं। इनमें से ग्रैंडमास्टर की उपाधि को सबसे कठिन और सम्मानजनक माना जाता है।

जीएम नॉर्म क्या है और इसे हासिल करने की प्रक्रिया

शतरंज में जीएम नॉर्म हासिल करना बेहद चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) के कड़े नियम लागू होते हैं। आमतौर पर किसी खिलाड़ी को कम से कम नौ गेम वाले टूर्नामेंट में हिस्सा लेना होता है, हालांकि कुछ विशेष प्रतियोगिताओं में अपवाद मौजूद हैं—जैसे विश्व या महाद्वीपीय टीम चैंपियनशिप में सात गेम वाले नॉर्म, और विश्व कप या महिला विश्व चैंपियनशिप में आठ गेम वाले नॉर्म मान्य होते हैं। नॉर्म पाने के लिए खिलाड़ी को बेहद उच्च स्तर का प्रदर्शन करते हुए कम से कम 2600 का टूर्नामेंट परफॉर्मेंस रेटिंग (TPR) हासिल करनी होती है।

इसके अलावा, टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा का स्तर मजबूत होना चाहिए—कम से कम 33% प्रतिद्वंद्वी ग्रैंडमास्टर होने चाहिए और कम से कम तीन अलग-अलग महासंघों के खिलाड़ी भाग ले रहे हों। कुछ टूर्नामेंट खास तौर पर खिलाड़ियों की मदद के लिए इन शर्तों को ध्यान में रखकर आयोजित किए जाते हैं। पूरी तरह ग्रैंडमास्टर बनने के लिए किसी खिलाड़ी को कम से कम 27 गेम्स में ऐसे तीन नॉर्म पूरे करने होते हैं और 2500 की FIDE रेटिंग हासिल करनी होती है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

[td_block_social_counter facebook="nationalsports.times" twitter="nstbhopal" youtube="#" style="style8 td-social-boxed td-social-font-icons" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjM4IiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3Njh9" custom_title="Stay Connected" block_template_id="td_block_template_8" f_header_font_family="712" f_header_font_transform="uppercase" f_header_font_weight="500" f_header_font_size="17" border_color="#dd3333" manual_count_facebook="15780" manual_count_twitter="2290" manual_count_youtube="5445"]

Latest Articles