पूर्व भारतीय क्रिकेटर बोले – वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग में दिखती है ब्रायन लारा की झलक

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नई दिल्ली : सिर्फ 14 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2025 में ऐसा कारनामा कर दिखाया था जो आज तक कोई नहीं कर पाया था। उन्होंने इस लीग में शतक जड़कर सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की और अचानक ही सुर्खियों में छा गए। वैभव को भारतीय क्रिकेट का बेहद प्रतिभाशाली चेहरा माना जा रहा है। उनकी क्षमता और निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें पहले ही रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में बिहार का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिला दिया है।

वैभव सूर्यवंशी इस समय इंडिया अंडर-19 टीम का हिस्सा हैं और हाल ही में इंग्लैंड अंडर-19 टीम के खिलाफ हुई यूथ वनडे सीरीज में सबसे ज़्यादा रन बनाकर सबका ध्यान खींचा। उनकी प्रतिभा को देखते हुए क्रिकेट जानकार मानते हैं कि वैभव भविष्य में भारतीय टीम के लिए खेलते हुए नज़र आ सकते हैं। उनकी बल्लेबाज़ी की तारीफ़ हर कोई करता है और अब टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर अंबाती रायुडू भी उनकी काबिलियत से प्रभावित हुए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रायुडू ने न सिर्फ उनकी सराहना की बल्कि उनकी बल्लेबाज़ी की तुलना वेस्टइंडीज़ के महान बल्लेबाज़ ब्रायन लारा से कर दी।

लारा और वैभव की बैट लिफ्ट में दिखी गज़ब की समानता

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अंबाती रायुडू का मानना है कि ब्रायन लारा और वैभव सूर्यवंशी की बैट लिफ्ट में काफी समानता है। रायुडू का कहना है कि वैभव अगर चाहें तो लारा से बातचीत कर अपनी बल्लेबाज़ी को और निखार सकते हैं। शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर रायुडू ने कहा कि वैभव की बैट स्पीड असाधारण है और उनके शॉट्स में जो व्हिप नज़र आता है, वह बेहद खास है। रायुडू ने उम्मीद जताई कि कोई भी उनके इस नेचुरल स्टाइल को बदले नहीं और वैभव लगातार और बेहतर होते रहें। उन्होंने यह भी जोड़ा कि लारा की बैट लिफ्ट भी कुछ इसी तरह की हुआ करती थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अंबाती रायुडू ने आगे कहा कि वैभव सूर्यवंशी को यह सीखने की ज़रूरत है कि डिफेंस के दौरान और हल्के हाथों से खेलते समय बैट स्पीड को कैसे नियंत्रित किया जाए। उनका मानना है कि अगर वैभव अपने बल्ले पर नियंत्रण कर लेते हैं तो वे एक असाधारण प्रतिभा साबित होंगे और उन्हें रोकना बेहद मुश्किल हो जाएगा। रायुडू ने यह भी सलाह दी कि वैभव को बहुत ज़्यादा लोगों की बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि अपनी प्रतिभा पर भरोसा रखना चाहिए। साथ ही, जो कोच उनके साथ काम कर रहे हैं, उन्हें भी ज़रूरत से अधिक ज्ञान देने के बजाय उन्हें स्वतंत्र छोड़ देना चाहिए। रायुडू ने कहा कि सही मार्गदर्शन वैभव को और आगे ले जाएगा और इस मामले में वे भाग्यशाली हैं कि उनके साथ राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज मौजूद हैं।

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