खेल दिवस विशेष : संघर्ष से शिखर तक, देश के पहले दिव्यांग टेस्ट कप्तान ब्रजेश द्विवेदी
– दिव्यांग टेस्ट कप्तान ने खेल के साथ युवाओं को दिया आत्मविश्वास और अवसर
– पोलियो से प्रभावित होकर भी दिव्यांग क्रिकेट में इतिहास रचा
(NST News) भोपाल. खेल दिवस के मौके पर जब पूरा देश अपने खिलाड़ियों की मेहनत और संघर्ष को याद करता है, तब इंदौर के ब्रजेश द्विवेदी का नाम सबसे अलग चमकता है। वे भारत के पहले दिव्यांग टेस्ट क्रिकेट कप्तान हैं। दिसंबर 2023 में आगरा में नेपाल के खिलाफ खेले गए पहले दिव्यांग टेस्ट मैच में उन्होंने भारतीय टीम की कमान संभाली थी। यह पल न केवल भारतीय क्रिकेट के लिए, बल्कि पूरे दिव्यांगजन समाज के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ।
बचपन से संघर्ष
ब्रजेश द्विवेदी बचपन में पोलियो की वजह से 60 प्रतिशत दिव्यांग हो गए थे। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय क्रिकेट को अपनी ज़िंदगी का मकसद बना लिया। शुरुआती दौर में लोग उनके खेल के सपनों पर शक करते थे, लेकिन ब्रजेश का जुनून और हिम्मत उन्हें आगे बढ़ाती रही। 1999 में उन्होंने मध्यप्रदेश की दिव्यांग क्रिकेट टीम में जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने सेंट्रल रेलवे, मुंबई से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक भारत का प्रतिनिधित्व किया।
क्रिकेट से आत्मविश्वास तक
ब्रजेश के लिए क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है। उन्होंने मैदान पर संघर्ष करना सीखा और वही जज़्बा रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भी अपनाया। उनकी कप्तानी और खेल ने कई युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा दी है। वे मानते हैं कि खेल किसी भी इंसान की ज़िंदगी बदल सकता है, चाहे वह सामान्य खिलाड़ी हो या दिव्यांग।
प्रमुख उपलब्धियां
2023: भारत-नेपाल पहला दिव्यांग टेस्ट मैच, कप्तान – आगरा
2021: दिव्यांग प्रीमियर लीग, शारजाह (यूएई) – कप्तान, मैन ऑफ द मैच
2022: बंगबंधु कप, बांग्लादेश – भारत प्रतिनिधित्व
2019: टापन ट्रॉफी – राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन
2018: टाटा स्टीलियम कप, जमशेदपुर – सहभागिता
2003-2007: सेंट्रल रेलवे, मुंबई का प्रतिनिधित्व
1999: मध्यप्रदेश टीम में चयन
सम्मान और पुरस्कार
सतना गौरव सम्मान 2023 – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा
मध्यप्रदेश खेल रत्न 2019
दिव्यांग रत्न 2018
अचीवर्स खेल अलंकरण 2020
इंडिया स्टार पैशन अवॉर्ड 2019
स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर (2018)
समाज के लिए योगदान
खेल के साथ-साथ ब्रजेश सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं। 2019 से अब तक उन्होंने मध्यप्रदेश के 10 संभागों से 350 से अधिक खिलाड़ियों को तैयार किया है। अप्रैल 2023 में उन्होंने जबलपुर में पहला दिव्यांग प्रीमियर लीग आयोजित किया, जबकि जनवरी 2024 में मैहर में राष्ट्रीय प्रीमियर लीग की मेजबानी की। उनकी कोशिशों से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं।
बड़ा सपना
ब्रजेश का सपना है कि प्रदेश में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए राज्य स्तरीय क्रिकेट अकादमी बने, जहां प्रशिक्षण, आवास और सुविधाएं उपलब्ध हों। उनका मानना है कि खेल केवल करियर ही नहीं बनाता, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और समाज में बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है।

