न्यूयॉर्क: रूस के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी और पूर्व विश्व नंबर-एक दानिल मेदवेदेव अमेरिकी ओपन 2025 के पहले दौर में हार के बाद विवादों में घिर गए। मैच के दौरान कोर्ट पर खेल भावना के विपरीत व्यवहार और गुस्से में रैकेट तोड़ने के कारण उन पर भारी जुर्माना लगाया गया। टूर्नामेंट रैफरी जैक गार्नर ने मेदवेदेव पर कुल 42,500 डॉलर (लगभग 35.7 लाख रुपये) का दंड लगाया, जो उनकी मैच फीस 1,10,000 डॉलर का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है।
मेदवेदेव का गुस्सा: कोर्ट पर फोटोग्राफर की मौजूदगी बनी वजह
घटना तब हुई जब मेदवेदेव अपने प्रतिद्वंद्वी फ्रांस के खिलाड़ी बेंजामिन बोंजी के खिलाफ तीसरे सेट में खेल रहे थे। बोंजी 5-4 की बढ़त पर थे, तभी एक फोटोग्राफर अचानक कोर्ट के किनारे चलने लगा, जिससे मेदवेदेव का ध्यान भटक गया। उन्होंने तुरंत चेयर अंपायर ग्रेग एलेंसवर्थ से शिकायत की, लेकिन अंपायर ने फोटोग्राफर को हटाने के बाद बोंजी को पहली सर्विस फिर से लेने की अनुमति दे दी। इस फैसले से मेदवेदेव भड़क उठे और कोर्ट पर अपना गुस्सा जाहिर किया।
फोटोग्राफर की मान्यता रद्द, कोर्ट पर हुई घटना के बाद कार्रवाई
इस घटना के बाद चेयर अंपायर ने फोटोग्राफर को कोर्ट से बाहर जाने का आदेश दिया और उसकी मान्यता भी रद्द कर दी। बावजूद इसके, मेदवेदेव का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने मैच खत्म होने के बाद अपना रैकेट तोड़कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
मेदवेदेव पर लगाए गए जुर्माने का ब्योरा
टूर्नामेंट रैफरी ने मेदवेदेव के खिलाफ दो अलग-अलग उल्लंघन दर्ज किए। खेल भावना के विपरीत आचरण के लिए 30,000 डॉलर और रैकेट तोड़ने की हरकत के लिए 12,500 डॉलर का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार कुल मिलाकर उनके ऊपर 42,500 डॉलर का जुर्माना लगाया गया।
करियर पर असर और बढ़ते विवाद
मेदवेदेव के करियर में यह पहली बार नहीं है जब उनका गुस्सा कोर्ट पर सुर्खियों में आया हो। पूर्व नंबर-एक खिलाड़ी होने के बावजूद उनकी छवि कई बार अनुशासनहीनता और विवादित व्यवहार के कारण सवालों के घेरे में रही है। इस घटना ने एक बार फिर उनके खेल आचरण को कटघरे में खड़ा कर दिया है।

