नई दिल्ली: भारत ने एक बार फिर खेल जगत में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। चीन के बेइदाइहे में आयोजित स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में भारत के आनंदकुमार वेलकुमार ने स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। 22 वर्षीय आनंदकुमार ने सीनियर पुरुषों की 1000 मीटर स्प्रिंट रेस में शानदार प्रदर्शन करते हुए 1:24.924 मिनट का समय निकाला और पहला स्थान हासिल किया। यह भारत का इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अब तक का पहला स्वर्ण पदक है, जिसने देश को गर्व का पल दिया है।
स्पीड स्केटिंग में दिखी भारत की असली ताकत
बता दें कि इससे पहले आनंदकुमार वेलकुमार ने इसी चैंपियनशिप में 500 मीटर स्प्रिंट रेस में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। उन्होंने यह रेस 43.072 सेकंड में पूरी की थी और भारत को सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में उसका पहला पदक दिलाया था। अब 1000 मीटर स्प्रिंट में स्वर्ण जीतकर उन्होंने न केवल अपने प्रदर्शन को और ऊंचाई दी है, बल्कि भारत के लिए एक नई राह भी खोल दी है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अब सिर्फ क्रिकेट या बैडमिंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्पीड स्केटिंग जैसे चुनौतीपूर्ण खेलों में भी वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
युवा स्केटर कृष शर्मा ने भी किया कमाल, दिलाया भारत को गोल्ड
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत के लिए गर्व का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा। जूनियर कैटेगरी में युवा स्केटर कृष शर्मा ने 1000 मीटर स्प्रिंट में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान और बढ़ाया। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि भारत का भविष्य स्पीड स्केटिंग जैसे चुनौतीपूर्ण खेल में भी बेहद उज्ज्वल और आशाजनक है। कृष की यह उपलब्धि देश के उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
क्या बोले किरेन रिजिजू? जानिए भारत की ऐतिहासिक जीत पर उनका बयान
भारत की स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में पहली जीत पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि भारतीय खेलों के लिए गर्व का पल! आनंदकुमार वेलकुमार ने स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025 में 1000 मीटर स्प्रिंट में गोल्ड जीता।
130 करोड़ भारतीयों की विजय: एक स्वर्ण, पूरे देश का गर्व
गौरतलब है कि भारत की तरफ से इस तरह की ऐतिहासिक उपलब्धि से यह साफ हो गया है कि अब भारतीय खिलाड़ी दुनिया के किसी भी मंच पर पीछे नहीं हैं। आनंदकुमार की इस जीत ने आने वाली पीढ़ियों को न सिर्फ प्रेरणा दी है, बल्कि यह भी बताया है कि सपने अगर बड़े हों और मेहनत सच्ची हो, तो कोई मंज़िल दूर नहीं। यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, 130 करोड़ भारतीयों की जीत है, एक ऐसा पल, जिस पर पूरा देश गर्व कर सकता है।

