दुबई. एशिया कप में बुधवार को पाकिस्तान और यूएई के बीच मुकाबला तय समय से 90 मिनट देर से शुरू हुआ। वजह थी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और मैच रेफ़री एंडी पाइक्रॉफ्ट के बीच विवाद। पीसीबी का आरोप था कि भारत के खिलाफ पिछले मैच में पाइक्रॉफ्ट ने पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा को टॉस पर हाथ मिलाने से रोका था। इसी घटना के बाद बोर्ड ने उन्हें हटाने की मांग कर दी थी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पाकिस्तान टीम ने मैच के लिए समय पर होटल छोड़ने से भी इनकार कर दिया।
माफ़ी के बाद हरी झंडी
टॉस से ठीक पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बयान जारी कर बताया कि पाइक्रॉफ्ट ने टीम मैनेजर और कप्तान से माफ़ी मांगी। इस माफ़ी के बाद ही खिलाड़ियों को होटल से मैदान जाने की अनुमति मिली। स्थानीय समयानुसार 6.30 बजे टीम दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम पहुंची। टॉस 7 बजे हुआ और मैच 7.30 बजे शुरू हो सका। इससे पहले पीसीबी ने यहां तक कहा था कि वह एशिया कप से हटने पर भी विचार कर रहा है।
विवाद की जड़
दरअसल, 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने टॉस और मैच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था। इसके विरोध में पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा पोस्ट-मैच प्रेज़ेंटेशन में शामिल नहीं हुए। पीसीबी का कहना था कि पाइक्रॉफ्ट ने ही आगा को टॉस पर हैंडशेक न करने की बात कही थी, जो नियमों के खिलाफ है। इसी कारण बोर्ड ने आईसीसी को शिकायत भेजकर उन्हें टूर्नामेंट से हटाने की मांग की। हालांकि आईसीसी ने जांच कराने का आश्वासन तो दिया लेकिन पाइक्रॉफ्ट को हटाने से इनकार कर दिया।
विवाद थमा लेकिन सवाल बाकी
पाकिस्तान की प्रेस कॉन्फ्रेंस पहले ही रद्द हो चुकी थी और टीम प्रबंधन ने देर रात तक रणनीति पर चर्चा की। आखिरकार, बोर्ड प्रमुख मोहसिन नक़वी ने पूर्व चेयरमैन रमीज़ राजा और नजम सेठी से राय-मशविरा कर खिलाड़ियों को मैदान पर भेजने का फ़ैसला लिया। इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल मैच को देर कराया बल्कि खिलाड़ियों की मानसिक तैयारी पर भी असर डाला। हालांकि मैच रेफ़री की माफ़ी के बाद विवाद शांत हो गया, लेकिन सवाल अभी भी बाकी है कि आखिर भारत-पाकिस्तान मैच में हैंडशेक विवाद क्यों पैदा हुआ और आगे आईसीसी इस पर क्या कदम उठाएगी।

