नई दिल्ली. भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ का आग़ाज़ 2 अक्तूबर से होगा। बुधवार को चयन समिति टीम का ऐलान करने जा रही है और इससे पहले कई बड़े सवाल हवा में हैं। आर. अश्विन के संन्यास के बाद टीम पहली बार घरेलू मैदान पर बिना अपने दिग्गज ऑफ स्पिनर के उतरेगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल जसप्रीत बुमराह को लेकर है – क्या उन्हें आराम मिलेगा या वे पूरी सीरीज़ में खेलेंगे?
बुमराह का वर्कलोड, सबसे बड़ी चिंता
बुमराह एशिया कप फ़ाइनल के बाद सीधे टेस्ट सीरीज़ में उतर सकते हैं, लेकिन उनकी फिटनेस को देखते हुए चयनकर्ताओं के सामने दुविधा है। इंग्लैंड दौरे पर उन्हें वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत सीमित मैच खिलाए गए थे। घरेलू मैदान पर स्पिनर्स का रोल बड़ा रहता है, फिर भी तेज़ गेंदबाज़ों की अहमियत कम नहीं होती। अगर बुमराह नहीं खेले तो टीम के पास सिराज और प्रसिद्ध जैसे विकल्प हैं, लेकिन अनुभव की कमी ज़रूर खलेगी।
ऑलराउंडर्स की भीड़, रेड्डी की चुनौती
जाडेजा, अक्षर और वॉशिंगटन सुंदर के साथ भारत के पास पहले से स्पिन ऑलराउंडर्स की भरमार है। ऐसे में नितीश कुमार रेड्डी को शामिल करने पर सवाल खड़े हैं। विदेश में रेड्डी का रोल अहम साबित हो सकता है, लेकिन घरेलू हालात में जगह बनाना आसान नहीं होगा। फिर भी, कोच गौतम गंभीर बल्लेबाज़ी को गहराई देने के लिए उन्हें टीम में देखना चाह सकते हैं।
पड़िक्कल बनाम नायर की जंग
बल्लेबाज़ी में सबसे दिलचस्प मुकाबला देवदत्त पड़िक्कल और करुण नायर के बीच है। पड़िक्कल चोट से उबरकर शानदार फॉर्म में लौटे हैं और भारत ए के लिए रन बना रहे हैं। नायर को इंग्लैंड दौरे पर मौके मिले लेकिन वे उन्हें भुना नहीं पाए। चयनकर्ताओं को तय करना होगा कि भरोसा पुराने खिलाड़ी पर करें या नए फॉर्म में चल रहे पड़िक्कल को आगे बढ़ाएं।
तेज़ गेंदबाज़ी का संतुलन
भारत की घरेलू पिचें आम तौर पर स्पिनरों की मददगार होती हैं, लेकिन चयन समिति के सामने सही तेज़ गेंदबाज़ों का कॉम्बिनेशन चुनना चुनौती होगी। सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा फिट हैं और फ़ॉर्म में भी। आकाश दीप चोट की वजह से अनिश्चित हैं। अगर वे बाहर रहते हैं तो अर्शदीप सिंह या हर्षित राणा जैसे नामों पर विचार किया जा सकता है। सबकी नज़रें इस पर होंगी कि बुमराह अंतिम दल में जगह बनाते हैं या आराम पर भेजे जाते हैं।


