नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होगा। संभावना है कि यह महत्वपूर्ण टूर्नामेंट अगले साल फरवरी या मार्च के महीनों में आयोजित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के लिए अब तक कुल 17 टीमें क्वालीफाई कर चुकी हैं, जिनमें हाल ही में नामीबिया और जिम्बाब्वे की टीमें भी शामिल हुई हैं। हालांकि, अभी तीन जगहें खाली हैं, जिनके लिए कई टीमें मुकाबले में हैं। आइए देखें कि ये खाली स्थान किन-किन टीमों के लिए उपलब्ध हैं और ये टीमें किस तरीके से आगामी टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई कर सकती हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026: 9 टीमों के बीच बची अंतिम तीन जगहों की रेस
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अभी तीन स्थान खाली हैं, जिनके लिए 9 टीमों के बीच कड़ी टक्कर होगी। ये टीमें मेन्स टी20 वर्ल्ड कप एशिया-पैसिफिक रीजनल क्वालीफायर में हिस्सा लेंगी। इस टूर्नामेंट में नेपाल, ओमान, पापुआ न्यू गिनी, समोआ, कुवैत, मलेशिया, जापान, कतर और यूएई की टीमें शामिल हैं। इन सभी टीमों को तीन-तीन टीमों के तीन ग्रुप्स में बांटा गया है, जहां वे एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगी।
एशिया-पैसेफिक रीजनल क्वालीफायर के ग्रुप:
ग्रुप-ए: मलेशिया, कतर और यूएई
ग्रुप-बी: जापान, कुवैत और नेपाल
ग्रुप-सी: ओमान, पापुआ न्यू गिनी, समोआ
सुपर-6 पॉइंट्स टेबल के टॉप-3 टीमों के लिए लॉटरी का फैसला
ग्रुप स्टेज में प्रत्येक टीम दो-दो मैच खेलेगी, जिसके बाद हर ग्रुप से शीर्ष दो-दो टीमें अगले राउंड में प्रवेश करेंगी। इस प्रकार सुपर-6 चरण में कुल छह टीमें होंगी। सुपर-6 की प्वाइंट्स टेबल में टॉप-3 स्थान हासिल करने वाली टीमें सीधे टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर लेंगी। ओमान और यूएई की टीमों ने टी20 एशिया कप 2025 में बड़ी टीमों को कड़ी टक्कर दी थी और अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया था। वहीं, नेपाल ने हाल ही में वेस्टइंडीज को टी20 सीरीज में मात देकर अपनी क्षमता साबित की है। ऐसे में इन तीनों टीमों के सुपर-6 में पहुंचने की संभावना बेहद मजबूत नजर आ रही है।

