भारत का जलवा जारी, श्रीलंका को हराकर नॉकआउट में दूसरी बड़ी जीत

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नई दिल्ली: बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 के नॉकआउट चरण में मंगलवार को भारत ने अपनी दूसरी जीत दर्ज की। मेजबान भारत ने मिश्रित टीम चैंपियनशिप में ग्रुप एच के मुकाबले में श्रीलंका को मात देकर अपना वर्चस्व कायम रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने सभी वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए विरोधी टीम को ज्यादा मौका नहीं दिया। इससे पहले भारत ने अपने पहले मुकाबले में नेपाल को हराया था। दूसरी ओर, फिलीपींस ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले गए ग्रुप एफ के एक रोमांचक मुकाबले में हांगकांग को पराजित किया। चैंपियनशिप के दूसरे दिन हुए इन मुकाबलों में युवा खिलाड़ियों का उत्साह और प्रतिस्पर्धा देखने लायक रही।

भारत नॉकआउट चरण में आगे बढ़ने का प्रबल दावेदार है, क्योंकि ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली और दूसरी वरीयता प्राप्त टीम ने उम्मीदों पर खरा उतरते हुए श्रीलंका पर 45-27, 45-21 से जीत दर्ज की। श्रीलंकाई टीम ने इससे पहले सोमवार को एक रोमांचक मुकाबल में संयुक्त अरब अमीरात को हराया था। अन्य शीर्ष देशों में, 14 बार के चैंपियन चीन और पूर्व चैंपियन दक्षिण कोरिया ने अपने-अपने ग्रुप में अपनी दूसरी जीत दर्ज की, जबकि फिलीपींस ने हांगकांग को 42-45, 45-28, 45-43 से हराया।

ग्रुप डी में खेल रहे चीन ने इंग्लैंड को 45-22, 45-19 से हराया, जबकि ग्रुप जी में दक्षिण कोरिया ने पहली बार खेल रहे भूटान को 45-5, 45-17 से मात दी। जबकि भारतीय टीम को ज़्यादा पसीना नहीं बहाना पड़ा, हालांकि टीम प्रबंधन ने कुछ नए खिलाड़ियों को मैदान में उतारा था। इन सभी खिलाड़ियों को सोमवार को नेपाल के खिलाफ शुरुआती सेट में खेलने का मौका नहीं मिला था।

भारत को जीत दिलाने में किसका रहा अहम योगदान?

बीडब्ल्यूएफ विश्व जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 के नॉकआउट चरण में भारत की शानदार शुरुआत की अगुवाई ललथाजुआला हमार ने की। उन्होंने लड़कों के एकल मुकाबले में केनेथ अरुगोडा को 9-2 से हराकर टीम को आत्मविश्वास से भरपूर शुरुआत दिलाई। इसके बाद भव्य छाबड़ा और मिथिलेश पी. कृष्णन की जोड़ी ने सानुदा अरियासिंघे और थिसाथ रूपथुंगा के खिलाफ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए भारत की बढ़त को 18-6 तक पहुंचा दिया।

हालांकि लड़कियों के एकल मुकाबले में रक्षिता को शुरुआत में कुछ संघर्ष करना पड़ा। रनिथमा लियानागे के खिलाफ वह 3-8 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अगले सात में से छह अंक जीतकर स्कोर को 36-21 तक पहुंचा दिया, जिससे भारत की स्थिति और मजबूत हो गई। यह मुकाबला न केवल खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल का प्रदर्शन था, बल्कि मानसिक दृढ़ता और टीम भावना की भी मिसाल बना।

पुणे में आयोजित जूनियर ग्रां प्री के फाइनलिस्ट सी लालरामसांगा और तारिनी सूरी ने अरुगोडा और लियानागे को 9-6 से हराकर सेट 45-27 से अपने नाम कर लिया। रौनक चौहान ने दूसरे सेट में भारत के लिए शुरुआत की और हालाँकि मेज़बान टीम ने इस सेट में बिल्कुल नई लाइन-अप खेली, लेकिन नतीजा लगभग एक जैसा ही रहा और उन्होंने दूसरे सेट में 45-21 से जीत हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया।

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