25.3 C
New Delhi
Sunday, March 15, 2026

‘संजू सैमसन ने जाहिर किया दर्द’,बाएं हाथ से गेंदबाजी करनी पड़े तो भी करूंगा, बोले- 10 सालों में खेले सिर्फ 40 मैच

नई दिल्ली: भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को मंगलवार को आयोजित एक अवॉर्ड समारोह में टी20 क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार मिला। इस खास मौके पर समारोह की होस्ट मयंती लैंगर ने उनसे बातचीत की, जिसमें संजू ने अपने मजेदार अंदाज से जवाब दिए। लेकिन इस हंसी-ठिठोली के बीच उन्होंने अपनी चुनौतियों और दर्द का भी खुलकर इज़हार किया। यह कोई नई बात नहीं है कि लगातार टीम में जगह नहीं मिलने की वजह से संजू के खिलाफ कई सवाल उठते रहे हैं। टीम इंडिया में अपनी जगह बनाने के लिए उन्हें कई बार अपने सपनों और संघर्षों को बलिदान देना पड़ता है, जिसका ताजा उदाहरण एशिया कप 2025 के दौरान देखने को मिला।

संजू सैमसन को लगातार टी20 क्रिकेट में 2024 वर्ल्ड कप के बाद बतौर ओपनर खिलाया गया था। उन्होंने तीन शतक भी लगाए थे। लेकिन एशिया कप में अचानक जब शुभमन गिल की एंट्री हुई संजू को अपनी पोजीशन गंवानी पड़ी। उसके बाद लगातार उनके बैटिंग नंबर को बदला जाने लगा। एक मौके पर एशिया कप 2025 में उनको बल्लेबाजी ही नहीं मिली, अक्षर पटेल तक को उनसे पहले उतार दिया गया। मगर फाइनल में जब टीम फंसी थी तो संजू सैमसन ने ही तिलक वर्मा के साथ पहली साझेदारी करके संभाला। यही कारण है कि कहीं ना कहीं संजू सैमसन नाइंसाफी का शिकार होते जरूर हैं।

संजू ने अपने दर्द को कैसे किया बयान?

जब संजू सैमसन को समारोह में टी20 क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया, तो अवॉर्ड लेने के बाद मयंती लैंगर ने उनसे कई सवाल किए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन सवालों के जवाब में संजू ने कहा, “जब आप भारतीय जर्सी पहनते हैं तो आप किसी भी चीज को ना नहीं कह सकते। मैंने इस जर्सी के लिए बहुत मेहनत की है और मैं देश के लिए अपने काम को गर्व के साथ करता हूं। अगर टीम चाहेगी कि मैं नंबर 9 पर बल्लेबाजी करूं या बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करूं, तो मैं खुशी-खुशी वो भी करूंगा।”

इसके बाद जो संजू ने बोला उससे उनका दर्द साफ पता चल सकता था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सैमसन हंसते हुए जवाब दे रहे हैं मगर उनकी बातों में कहीं ना कहीं इस बात का दर्द जरूर है कि पिछले 10 साल में वह सिर्फ 40 इंटरनेशनल मैच खेल पाए हैं। उन्होंने कहा,”हाल ही में मैंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 10 साल पूरे किए लेकिन इस दौरान सिर्फ 40 मैच ही खेले। नंबर से फर्क नहीं पड़ता है और इससे पूरी कहानी बयां नहीं होती है। लेकिन मैं गर्व महसूस करता हूं कि आज मैं जो हूं और जो भी चुनौतियों का मैंने सामना किया।”

संजू सैमसन ने अपनी काबिलियत से दिखाया जलवा

अगर पिछले दो वर्षों की बात करें तो जब भी संजू सैमसन को मौका मिला है, उन्होंने हर बार खुद को बखूबी साबित किया है। उनका आखिरी वनडे मैच साउथ अफ्रीका में था, जहां उन्होंने टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकालते हुए शतक जमाया था। इसके अलावा, पिछले एक साल में टी20 क्रिकेट में बतौर ओपनर उनके बल्ले से जो जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला, वह सभी के सामने है। संजू ने टी20 इंटरनेशनल में तीन शतक भी लगाए हैं, जो उनकी काबिलियत और लगातार फॉर्म का सबूत हैं।

संजू सैमसन ने भारत के लिए 49 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 26 की औसत और लगभग 147 के स्ट्राइक रेट से 993 रन बनाए हैं, जिनमें तीन शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, 16 वनडे मैचों में उन्होंने तीन अर्धशतक और एक शतक के साथ 56 से ऊपर की औसत से 516 रन जुटाए हैं। लेकिन इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद, वनडे में उनकी अच्छी औसत का फायदा नहीं मिला। अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम में शामिल नहीं किया और पहली बार ध्रुव जुरेल को मौका दिया, जिससे संजू को निराशा हुई।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

15,780FansLike
2,290FollowersFollow
5,445SubscribersSubscribe

Latest Articles