नई दिल्ली: विराट कोहली और रोहित शर्मा के संन्यास के बाद इंग्लैंड दौरे से पहले जब शुभमन गिल को टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया, तब उनकी बल्लेबाजी के आंकड़ों पर कई सवाल उठ रहे थे। कप्तानी से पहले गिल का टेस्ट औसत केवल 35.05 था, लेकिन कप्तान बनते ही उन्होंने अपने प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार किया। गिल ने सिर्फ 12 पारियों में ही औसत 43 से ऊपर कर लिया और 7 टेस्ट मैचों में 5 शतक जड़े। यह साबित करता है कि कप्तानी ने गिल को और भी मजबूत बल्लेबाज बना दिया है और वह टीम के लिए भरोसेमंद स्तंभ बनकर उभरे हैं।
शुभमन गिल ने कप्तान बनने के बाद 12 पारियों में 933 रन ठोक दिए हैं। उनका औसत 82.36 का है। कप्तान के तौर पर 7 या इससे ज्यादा पारियों के बाद केवल ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डॉन ब्रेडमैन का औसत ही गिल से बेहतर है। ब्रेडमैन का औसत 101.51 का है। गिल ने वेस्टइंडीज के दूसरे टेस्ट की पहली पारी में नाबाद 129 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 16 चौके और 2 छक्के लगाए। अहमदाबाद में पहले टेस्ट में गिल अर्धशतक लगाकर आउट हो गए थे। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 2 पारियों 179 रन ठोक दिए हैं।
शुभमन गिल ने कप्तानी में दिखाया जबरदस्त कंवर्जन रेट
शुभमन गिल का कप्तान बनने के बाद कंवर्जन रेट शानदार है। उन्होंने 6 बार 50 से ज्यादा का स्कोर किया है। इसमें से 5 बार उन्होंने बड़ी पारी खेली है। केवल एक बार अर्धशतक लगाकर आउट हुए हैं। गिल ने कप्तान बनने के बाद 147,8,269,161,16,6,12,103,21,11,50 और नाबाद 129 रन की पारियां खेली हैं।
गिल का इंग्लैंड दौरे पर शानदार बल्ले से कब्जा
शुभमन गिल ने इंग्लैंड दौरे पर जबरदस्त प्रदर्शन किया है। उन्होंने 5 मैचों की 10 पारियों में 75.40 के औसत से 4 शतक जड़ते हुए कुल 754 रन बनाए। कुल मिलाकर गिल ने अपने करियर में 39 मैचों की 71 पारियों में 43.47 के औसत से 2826 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतक और 8 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने अपने खेल में 316 चौके और 45 छक्के भी लगाए हैं। कप्तान बनने से पहले गिल ने 59 पारियों में 35.05 के औसत से 1893 रन बनाए थे, जो उनकी कप्तानी के बाद के प्रदर्शन से कमतर था। यह साफ दिखाता है कि कप्तानी ने उनके खेल को एक नई ऊँचाई दी है।


