नई दिल्ली : महिला वर्ल्ड कप 2025 में भारतीय महिला टीम को साउथ अफ्रीका महिला टीम के खिलाफ 3 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में भारतीय बल्लेबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाईं और टीम इंडिया ने कुल 251 रन बनाए। जवाब में साउथ अफ्रीका ने नादिन डी क्लार्क और कप्तान लौरा वोल्वार्ट की शानदार पारियों की बदौलत लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। हालांकि मैच के बाद आईसीसी ने एक खास वजह से अफ्रीकी स्पिनर नॉनकुलुलेको मलाबा के खिलाफ कार्रवाई की है।
दोषी पाई गईं मलाबा, ICC ने लिया एक्शन
आईसीसी की प्रेस रिलीज में बताया गया है कि साउथ अफ्रीकी स्पिनर नॉनकुलुलेको मलाबा को खिलाड़ियों और उनके सहयोगी स्टाफ के लिए बनाए गए आईसीसी आचार संहिता की धारा 2.5 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। यह धारा इंटरनेशनल मैच के दौरान बल्लेबाज के आउट होने पर अपमानजनक भाषा, अनुचित व्यवहार या आक्रामक प्रतिक्रिया दिखाने से संबंधित है। मलाबा ने मैच के दौरान ऐसी हरकत की, जिसे आईसीसी ने अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
मलाबा पर ICC की सख्ती, आचार संहिता उल्लंघन पर हुई कार्रवाई
भारत महिला टीम और साउथ अफ्रीका महिला टीम के बीच हुए मुकाबले में एक विवादास्पद घटना 17वें ओवर में देखने को मिली, जब भारतीय बल्लेबाज हरलीन देओल आउट होकर पवेलियन लौट रही थीं। उसी दौरान साउथ अफ्रीकी स्पिनर नॉनकुलुलेको मलाबा ने उन्हें बाय-बाय का इशारा किया, जिसे आईसीसी ने खेल भावना के खिलाफ माना। इस अनुचित व्यवहार पर कार्रवाई करते हुए आईसीसी ने मलाबा को फटकार लगाई है और उनके अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक जोड़ दिया है। चूंकि यह 24 महीने की अवधि में उनका पहला अपराध था, इसलिए उन्हें सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
भारतीय महिला टीम को करनी पड़ी हार की सामना
भारतीय महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कुल 251 रन बनाए। टीम की ओर से निचले क्रम में बल्लेबाजी करने उतरीं ऋचा घोष ने शानदार पारी खेलते हुए 77 गेंदों में 94 रन बनाए, जिसमें 11 चौके और चार छक्के शामिल थे। उनकी इस आक्रामक पारी की बदौलत भारत एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सका। जवाब में साउथ अफ्रीका की शुरुआत खराब रही और टीम ने 81 रन तक अपने पांच विकेट गंवा दिए थे, जिससे लग रहा था कि भारत यह मैच आसानी से जीत जाएगा। लेकिन इसके बाद नादिन डी क्लार्क ने मोर्चा संभाला और 54 गेंदों में 84 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर साउथ अफ्रीका को जीत दिला दी। उनकी शानदार बल्लेबाज़ी की बदौलत अफ्रीकी टीम मुकाबला अपने नाम करने में सफल रही।

