नई दिल्ली: भारत को एक बार फिर से राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने का गौरव प्राप्त हुआ है। पिछली बार साल 2010 में नई दिल्ली में ये प्रतिष्ठित खेल आयोजित किए गए थे, जिसे दुनियाभर में सराहा गया था। अब दो दशकों के बाद, 2030 में गुजरात के प्रमुख शहर अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सौंपी गई है। यह आयोजन न केवल भारत की खेल क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर फिर से प्रदर्शित करेगा, बल्कि देशभर के खेल प्रेमियों को भी विभिन्न खेलों की रोमांचक प्रतिस्पर्धाएं अपने ही देश में देखने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स के एग्जिक्यूटिव बोर्ड ने बुधवार को इस बात की पुष्टि कर दी कि अहमदाबाद (भारत) को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए होस्ट के तौर पर चुना है। अब कार्यकारी बोर्ड भारत के इस शहर के नाम की सिफारिश ग्लास्गो में होने वाली राष्ट्रमंडल खेल महासभा में फुल मेंबर कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स मेंबरशिप के सामने पेश करेगा।
अहमदाबाद के नाम इस उपलब्धि के बाद गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की और कहा यह भारत के लिए गर्व का पल है। वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसे भारत और गुजरात के लिए गौरव का पल बताया और साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों को सराहा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा,”हर भारतवासी को शुभकामनाएं कि कॉमनवेल्थ एसोसिएशन ने भारत को अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेल 2030 होस्ट करने के लिए अप्रूवल दे दिया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कड़े प्रयासों का फल है कि भारत को विश्व पटल पर खेल जगत में नई पहचान मिलेगी।”
अगर पूरी खबर पर गौर करें तो राष्ट्रमंडल खेल से जुड़ी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि, “राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यकारी बोर्ड ने पुष्टि की है कि वह 2030 शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारत के अहमदाबाद को प्रस्तावित मेजबान शहर के रूप में सिफारिश करेगा।” यह एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन अब भी अंतिम मुहर लगनी बाकी है। अहमदाबाद को पूर्ण मेजबान शहर के रूप में मान्यता देने के लिए इसे राष्ट्रमंडल खेल महासभा में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां 26 नवंबर को ग्लास्गो में होने वाली बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए नाइजीरिया से हुई कड़ी चुनौती
भारत को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए नाइजीरिया जैसी मजबूत दावेदारी का सामना करना पड़ा। हालांकि, राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने नाइजीरिया की मेजबानी की महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। इसके बजाय, संगठन ने एक ऐसी रणनीति विकसित करने का निर्णय लिया है जो इस अफ्रीकी देश की भावी दावेदारी को समर्थन और गति प्रदान करे। इस रणनीति में नाइजीरिया को 2034 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का अवसर देने पर विचार किया जा रहा है, जिससे उसे भविष्य में खेलों के आयोजन का मौका मिल सके।

