एनएसटी न्यूज, इंदौर। महिला वनडे विश्वकप में लगातार दो हार झेलने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाले मुकाबले में जीत की पटरी पर लौटने की कोशिश करेगी। यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए लगभग करो या मरो की स्थिति जैसा है। इंग्लैंड की टीम अब तक इस विश्व कप में अजेय रही है, चार में से तीन मैच जीते हैं और एक मैच बारिश के कारण रद्द हुआ था। भारत के सामने कई चुनौतियां हैं। शुरुआती मैचों में शीर्ष क्रम असफल रहा, तो मध्य और निचले क्रम ने कुछ हद तक जिम्मेदारी संभाली। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पिछले मैच में जब शीर्ष क्रम चला, तब मध्य क्रम और निचले क्रम दोनों फ्लॉप रहे, और टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई।
गेंदबाज़ी में भी भारतीय टीम का प्रदर्शन अस्थिर रहा है। शुरुआती दो मैचों में श्रीलंका और पाकिस्तान को ऑलआउट करने के बाद टीम की गेंदबाज़ी साउथ अफ़्रीका और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ फीकी पड़ गई। अहम मौकों पर विकेट नहीं मिलना टीम की सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुआ। कप्तान हरमनप्रीत कौर की फ़ॉर्म भी चिंता का विषय है। उन्होंने अब तक चार मैचों में 21, 19, 9 और 22 रन बनाए हैं, जबकि गेंदबाज़ी से भी कोई विकेट नहीं लिया। उनसे टीम को इस अहम मुकाबले में बड़ी पारी की उम्मीद होगी, क्योंकि वह बड़े मैचों की खिलाड़ी मानी जाती हैं।
भारत के लिए राहत की बात यह है कि टीम ने इस साल जुलाई में इंग्लैंड दौरे पर वनडे और टी20 दोनों सीरीज़ अपने नाम की थी। वहीं इंग्लैंड इस बार बेहतरीन लय में है और उसके सभी विभाग मजबूत दिखाई दे रहे हैं। इंग्लैंड की पिज स्पिनरों को मदद करेगी इसलिए इंग्लैंड की बाएं हाथ की स्टार स्पिनर सोफ़ी एकलस्टन भारत के लिए सबसे बड़ा ख़तरा होंगी। तबीयत ख़राब होने के कारण उन्होंने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैच नहीं खेला था, लेकिन अगर वह फ़िट रहीं, तो भारत के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्होंने इस विश्व कप में अब तक तीन मैचों में नौ विकेट लिए हैं। उनके साथ लिंसी स्मिथ और चार्ली डीन की स्पिन जोड़ी भी भारत की बल्लेबाज़ों की परीक्षा ले सकती है।

