2027 वर्ल्ड कप में खेलना होगा मुश्किल, रोहित-कोहली के सामने चुनौती

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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इस समय सबसे बड़ी बहस यह है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली का वनडे करियर कब तक चलेगा। क्या दोनों 2027 वर्ल्ड कप तक खेल पाएंगे? टी20 और टेस्ट से संन्यास लेने के बाद भारत के दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के लिए राह आसान नहीं होने वाली है, क्योंकि वनडे क्रिकेट कम खेला जाता है। लंबे ब्रेक के बाद मैच खेलते समय दोनों खिलाड़ियों को अपनी लय हासिल करने में कठिनाई हो सकती है, और यह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में साफ देखा गया।

एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वनडे में भारतीय टीम एक बार फिर टॉस हार गई। पहले बल्लेबाजी के लिए कंडीशन काफी मुश्किल थे और रोहित शर्मा काफी संघर्ष करते दिखे। जोश हेजलवुड के खिलाफ रोहित केवल संघर्ष नहीं कर रहे थे। वह रन भी नहीं बना पा रहे थे। कई बार आउट होने से बाल-बाल बचे। हेजलवुड की पहली 20 गेंदों पर रोहित रन भी नहीं बना पाए। इसका नतीजा यह था कि भारत ने 6 ओवर में बगैर विकेट के 17 रन बनाए थे।

गिल आउट, रोहित शर्मा पर दबाव कम करने की कोशिश

रोहित शर्मा 28 गेंद पर 8 रन बनाकर क्रीज पर। शुभमन गिल 8 गेंद पर 8 रन बनाकर क्रीज पर थे। गिल रंग में दिख रहे थे। वह गेंद को कनेक्ट कर रहे थे, लेकिन एक छोर से रन न बनने के कारण उन्होंने जोखिम उठाया और आउट हो गए। गिल सातवें ओवर की पहली गेंद पर आउट हुए। जेवियर बार्टलेट को विकेट मिल गया। उन्होंने 9 गेंद पर 9 रन बनाए। उन्होंने मिचेल स्टार्क को बेहतरीन कवर ड्राइव लगाकर चौके से खाता खोला।

वनडे में लौटने के लिए कोहली-रोहित के लिए खेलना जरूरी

गिल के आउट होने के बाद विराट कोहली क्रीज पर आए। वह पर्थ के बाद एडिलेड में भी खाता नहीं खोल पाए। कोहली अपने वनडे करियर में पहली बार लगातार दो मैचों में खाता खोले बगैर आउट हुए। कोहली और रोहित का संघर्ष बताता है कि मैदान पर समय बिताना कितना जरूरी है। खिलाड़ी कितना भी बड़ा हो वह लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर उतरते ही रन नहीं बनाने लगेगा।

वनडे में दिग्गजों के लिए चुनौतीपूर्ण दौर

आजकल वनडे मैच काफी कम खेले जाते हैं। ऐसे में रोहित शर्मा और विराट कोहली लंबे ब्रेक के बाद मैदान पर लौटें तो लय हासिल करने में संघर्ष करना पड़ सकता है। इससे दोनों पर मानसिक और प्रदर्शन का दबाव बनेगा और उनके भविष्य को लेकर चर्चा होगी। भारतीय टीम मैनेजमेंट उन्हें कुछ समय दे सकता है, लेकिन इसकी सीमा सीमित है। भारत के पास बड़े टैलेंट पूल को देखते हुए, संघर्ष कर रहे दिग्गज खिलाड़ियों के भविष्य पर किसी न किसी समय चर्चा करना जरूरी होगा। यदि दोनों खिलाड़ियों को 2027 वर्ल्ड कप खेलना है, तो उन्हें रन बनाने होंगे। इसके लिए मैदान पर समय बिताना अनिवार्य है, जिसमें घरेलू क्रिकेट खेलना और जब भी मौका मिले, इंडिया ए टीम के लिए खेलना शामिल होगा।

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