हर्षित ने आलोचना भूल मैदान में दिया जवाब: कोच बोले— यह आखिरी मौका था, खुद पर भरोसा रखा और कमाल कर दिखाया

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नई दिल्ली। तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने आलोचकों को अपने प्रदर्शन से करारा जवाब दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे में उन्होंने 4 विकेट झटके और टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई। हर्षित के टीम चयन को लेकर कई पूर्व क्रिकेटरों ने सवाल उठाए थे। कृष्णमाचारी श्रीकांत और आर. अश्विन ने कहा था कि हर्षित को टीम में जगह “गौतम गंभीर की नजदीकी” के कारण मिली है। लेकिन शनिवार को मैदान पर उन्होंने अपनी गेंदबाजी से यह साबित कर दिया कि उनका चयन टैलेंट के आधार पर हुआ है, न कि किसी की सिफारिश से। उनके कोच श्रवण कुमार ने कहा, “अच्छा खिलाड़ी हमेशा मैदान में जवाब देता है। आज हर्षित ने वही किया।” कोच ने बताया, “हर्षित को पता था कि यह उसका आखिरी मौका है। अगर प्रदर्शन अच्छा नहीं होता, तो उसे टीम से बाहर होना पड़ सकता था। हमने बात की थी, उसने कहा था— ‘सर, यह आखिरी मौका है।’ मैंने बस इतना कहा कि खुद पर भरोसा रखो और अपना बेस्ट दो। उसने वही किया और चार विकेट लेकर सबको जवाब दे दिया।”

ईशांत शर्मा के भी कोच रहे श्रवण कुमार ने आगे कहा, “कभी-कभी युवा खिलाड़ी स्थिर नहीं होते। वे सीखते हैं, गलतियां करते हैं और सुधारते हैं। जब जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी गेंदबाज भी कुछ मैचों में संघर्ष कर सकते हैं, तो हर्षित से हर बार परफेक्ट परफॉर्मेंस की उम्मीद रखना ठीक नहीं है।”हर्षित की यह पारी न सिर्फ उनके करियर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुई, बल्कि आलोचकों को यह संदेश भी दे गई कि मैदान में मेहनत और आत्मविश्वास सबसे बड़ा जवाब होता है।

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