नई दिल्ली : भले ही प्रतिका रावल चोटिल होने के कारण महिला वर्ल्ड कप 2025 में मैदान पर नहीं उतर पाईं, लेकिन भारत के चैंपियन बनने के बाद उन्होंने जश्न मनाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 नवंबर को मिली 52 रनों की शानदार जीत के बाद प्रतिका व्हीलचेयर पर सवार होकर गर्व से तिरंगा ओढ़े नवी मुंबई के डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम पहुँचीं। जैसे ही टीम इंडिया उनकी ओर बढ़ी, प्रतिका ने अपने जोश और खुशी से सबको चौंका दिया — वह व्हीलचेयर से उठकर झूम उठीं और साथियों के साथ जीत का जश्न मनाया।
नवी मुंबई में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए आखिरी लीग मुकाबले के दौरान फील्डिंग करते हुए स्मृति मंधाना की ओपनिंग पार्टनर प्रतिका घायल हो गई थीं। इस चोट ने उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, लेकिन उनके हौसले को नहीं। सात मैचों में 308 रन बनाने वाली प्रतिका ने भारत के विश्व चैंपियन बनने के बाद जो बातें कहीं, उन्होंने हर किसी का दिल छू लिया। उन्होंने अपनी चोट को बदकिस्मती नहीं, बल्कि खेल का हिस्सा बताया और कहा कि उन्हें गर्व है कि वह इस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा रही हैं।
टीम इंडिया की जीत पर क्या बोलीं प्रतिका रावल?
प्रतिका ने भावुक होकर कहा, “इस पल को शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन नहीं है। मेरे कंधे पर लिपटा यह तिरंगा मेरे लिए गर्व और सम्मान दोनों का प्रतीक है। टीम के साथ यहां खड़ा होना एक अविस्मरणीय अनुभव है। चोट तो खेल का हिस्सा होती है, लेकिन इस विजेता टीम का हिस्सा बनना मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी है। मुझे इस टीम से बेहद लगाव है, और आज इन साथ जश्न मनाना मेरे लिए गर्व का क्षण है।”
बेंच पर बैठकर देखना, मैदान में खेलने से कहीं ज्यादा मुश्किल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रतिका ने कहा, “यकीन नहीं होता कि हमने आखिरकार यह कर दिखाया। इतने लंबे इंतज़ार के बाद वर्ल्ड कप जीतना हर खिलाड़ी और हर फैन के लिए एक सपने के सच होने जैसा है। मैदान से बाहर रहकर यह सब देखना आसान नहीं था — बल्कि खेलने से भी ज़्यादा कठिन। हर बार जब कोई विकेट गिरता या छक्का लगता, तो माहौल की ऊर्जा इतनी जबरदस्त होती थी कि मेरे रोंगटे खड़े हो जाते थे। सच कहूँ तो, यह अनुभव अद्भुत और अविस्मरणीय है।”
308 रनों की पारी से छाईं प्रतिका रावल
प्रतिका रावल के लिए यह टूर्नामेंट बेहद खास रहा। उन्होंने सात मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 51.33 की औसत और 77.77 की स्ट्राइक रेट से कुल 308 रन जोड़े। उनकी सबसे यादगार पारी न्यूजीलैंड के खिलाफ देखने को मिली, जब उन्होंने 122 रनों की दमदार इनिंग खेली। उस पारी ने भारत को साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया से लगातार मिली तीन हारों के बाद शानदार वापसी करने का आत्मविश्वास दिया।


