नई दिल्ली : भारतीय भारोत्तोलन की स्टार एथलीट मीराबाई चानू के लिए अब एक नई चुनौती सामने आई है। उनका प्रमुख भार वर्ग 49 किग्रा को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक से हटा दिया गया है, जिसके बाद उन्हें अब 53 किग्रा वर्ग में उतरना होगा। यह बदलाव उनके लिए न सिर्फ वजन बढ़ाने की चुनौती लेकर आया है, बल्कि नए प्रतिद्वंद्वियों और प्रतिस्पर्धा के एक अलग स्तर से भी सामना कराएगा। हालांकि, मीराबाई अपने जज़्बे और मेहनत के लिए जानी जाती हैं, और वह इस नई परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। टोक्यो ओलंपिक में 49 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रचने वाली मीराबाई अब अपने अगले लक्ष्य पर नज़रें गड़ाए हुए हैं।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने 2028 के खेलों के लिए भारोत्तोलन की कुल स्पर्धाओं की संख्या 12 तय की है, जिससे कई वर्गों में पुनर्संरचना की गई है। इससे 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक खेलों में महिलाओं के लिए न्यूनतम वर्ग अब 53 किग्रा है। भारत के मुख्य राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा का मानना है कि 53 किग्रा तक वजन बढ़ाना चानू के लिए फायदेमंद होगा, लेकिन उन्होंने कहा कि मणिपुर की यह खिलाड़ी अगले साल एशियाई खेलों तक अपने पुराने वजन वर्ग में ही खेलती रहेगी।
IWF का बड़ा फैसला — 49 किग्रा भार वर्ग हुआ ओलंपिक से बाहर
भारोत्तोलन टीम के मुख्य कोच विजय शर्मा ने मीराबाई चानू के लिए 49 किग्रा वर्ग हटाए जाने को एक सकारात्मक बदलाव बताया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पीटीआई से बातचीत में कहा, “यह (49 किग्रा वजन वर्ग का हटना) मीराबाई के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि पहले उन्हें अपना वजन 48 किग्रा तक लाना बेहद कठिन प्रक्रिया थी।” शर्मा के मुताबिक, अब नए वजन वर्ग में मीराबाई को अपने प्राकृतिक वजन के करीब रहते हुए प्रदर्शन करने का बेहतर मौका मिलेगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसी बीच, अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (IWF) ने सोमवार, 3 नवंबर 2025 की देर रात जारी बयान में कहा कि “आईओसी द्वारा लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में भारोत्तोलन कार्यक्रम को विस्तार देने के उत्साहजनक फैसले के बाद अब कुल 12 स्पर्धाएं — छह पुरुष और छह महिला वर्ग — आयोजित की जाएंगी।” इस बदलाव को खेल की प्रतिस्पर्धा को और संतुलित एवं विविध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
IWF का नया अपडेट — एक साल में दो बार बदली गई वजन श्रेणियां
यह दूसरी बार है जब आईडब्ल्यूएफ ने एक वर्ष से भी कम समय में श्रेणियों में बदलाव किया है। मीराबाई चानू इस साल की शुरुआत में 48 किग्रा वर्ग में आ गई थीं, जब आईडब्ल्यूएफ ने ओलंपिक से 49 किग्रा वर्ग को हटा दिया था। हालांकि अब 49 किग्रा वर्ग को विश्व चैंपियनशिप जैसी प्रतियोगिताओं में फिर से शामिल कर लिया गया है, लेकिन यह ओलंपिक में शामिल नहीं होगा। मीराबाई चानू ने इस वर्ष राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण और विश्व चैंपियनशिप में 48 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था।
अगला मिशन — एशियाई खेलों में पदक जीतना
टीम के मुख्य कोच विजय शर्मा ने कहा, “फिलहाल मीराबाई एशियाई खेलों तक अपने वर्तमान भार वर्ग में ही खेलेंगी। उसके बाद हम धीरे-धीरे उनका वजन बढ़ाने और 53 किलोग्राम वर्ग में ट्रांज़िशन की प्रक्रिया शुरू करेंगे।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बताया कि यह बदलाव सोच-समझकर किया जाएगा ताकि प्रदर्शन और फिटनेस पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। महिला ओलंपिक श्रेणियों में अब 53 किग्रा, 61 किग्रा, 69 किग्रा, 77 किग्रा, 86 किग्रा, 86 किग्रा से अधिक शामिल है, जबकि पुरुष 65 किग्रा, 75 किग्रा, 85 किग्रा, 95 किग्रा, 110 किग्रा, 110 किग्रा से अधिक भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।


