नई दिल्ली : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने साल 2025 में 18 साल के लंबे इंतज़ार के बाद अपना पहला आईपीएल खिताब जीतकर इतिहास रच दिया था। हालांकि, खिताबी जीत के महज छह महीने बाद ही यह फ्रेंचाइज़ी बिक्री के लिए तैयार है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टीम को बेचने को लेकर बातचीत चल रही है और बुधवार शाम को टीम की मालिक कंपनी डियाजियो ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि आरसीबी की पुरुष टीम के साथ-साथ महिला टीम को भी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि महिला आरसीबी टीम सिर्फ तीन साल पुरानी है और उसने भी एक बार खिताब जीतकर अपना दम दिखाया है।
आरसीबी पुरुष और महिला टीम की बिक्री प्रक्रिया पर काम शुरू
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को ब्रिटेन स्थित कंपनी ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र में खुलासा किया कि वह रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (RCSPL) में अपने निवेश की रणनीतिक समीक्षा कर रही है। यह संस्था डियाजियो की भारतीय सहायक कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (USL) की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है। कंपनी के इस कदम को आरसीबी फ्रेंचाइज़ी के भविष्य से जुड़ा एक अहम व्यावसायिक निर्णय माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस लेटर में लिखा गया है कि यूएसएल अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आरसीएसपीएल में निवेश की रणनीतिक समीक्षा शुरू कर रही है। आरसीएसपीएल के कारोबार में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) फ्रेंचाइजी टीम का स्वामित्व शामिल है, जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले पुरुष इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) क्रिकेट टूर्नामेंटों में भाग लेती है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डियाजिगो ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि बिक्री की ये प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी और इसके बारे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल बता दिया गया है। वैसे ये फैसला ऐसे समय में आया है जब आईपीएल फ्रेंचाइज़ियों को 15 नवंबर तक अपने खिलाड़ियों को रिटेन करना है। नीलामी भी जल्द ही होने वाली है इसलिए किसी भी संभावित खरीदार को मौजूदा मालिक डियाजियो द्वारा चुनी गई टीम से ही काम चलाना होगा। वहीं अगर ये बिक्री प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी भी हो जाती है तब भी आईपीएल के अंत में आधिकारिक बदलाव हो सकता है।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को शुरुआत में विजय माल्या की यूबी ग्रुप ने लगभग 111.6 मिलियन डॉलर में खरीदा था। उस समय आरसीबी, मुंबई इंडियंस के बाद आईपीएल की दूसरी सबसे महंगी फ्रेंचाइज़ी थी। बाद में, साल 2015 में जब डियाजियो ने यूबी ग्रुप में नियंत्रक हिस्सेदारी हासिल की, तो एक वर्ष के भीतर यह फ्रेंचाइज़ी ब्रिटेन की इसी कंपनी के नियंत्रण में आ गई। वर्ष 2016 तक आते-आते डियाजियो ने आरसीबी पर पूरा स्वामित्व प्राप्त कर लिया और यह फ्रेंचाइज़ी उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली संपत्ति बन गई।
आरसीबी ने 18 सीज़न तक आईपीएल खिताब का इंतज़ार किया, लेकिन विराट कोहली की मौजूदगी और लोकप्रियता के चलते टीम की ब्रांड वैल्यू हमेशा शीर्ष तीन फ्रेंचाइज़ियों में बनी रही। हालांकि, इस साल एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खिताबी जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़ की घटना के बाद से ऐसी अटकलें तेज़ हो गईं कि कानूनी और प्रबंधन संबंधी जटिलताओं से बचने के लिए फ्रेंचाइज़ी को बेचा जा सकता है। टीम के मालिक लंबे समय से फ्रेंचाइज़ी संचालन से दूरी बनाए हुए हैं, और विराट कोहली भी अपने करियर के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आरसीबी को बेचने का यह कदम पूरी तरह से रणनीतिक और सोच-समझकर लिया गया निर्णय है।

